डब्ल्यूएचओ ने कहा- भारत से इतनी जल्दी जाने वाला नहीं है कोरोना, वायरस के साथ रहना सीखना होगा

विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि, कोरोनावायरस संक्रमण की गति थोड़ी धीमी जरूर हुई है मगर इसका खतरा लंबे समय तक बरकरार रहने वाला है।

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Written By: Atul Modi | Published : August 25, 2021 12:17 PM IST

कोरोनावायरस के बीच भारत को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का एक बड़ा बयान सामने आया है। यह बयान संगठन की चीफ साइंटिस्ट डॉक्टर सौम्या स्वामीनाथन ने दिया है। स्वामीनाथन का कहना है कि भारत में कोरोनावायरस महामारी अपने 'एंडेमिक स्टेज' में एंटर कर रहा है जहां लो (निम्न) मीडियम (मध्यम) का संक्रमण जारी है।

एंडेमिक स्टेज क्या होता है?

एंडेमिक स्टेज (स्थानिकता के चरण) तब होती है, जब लोग किसी वायरस के साथ रहना सिखाती है। यह पैंडेमिक स्टेज (महामारी क चरण) से बिल्कुल अलग होता है। ऐसी स्थिति में वायरस लोगों पर हावी हो जाता है। इसका यह है कि इंडिया को कोरोना छुटकारा पाने के लिए फिलहाल अभी लंबा इंतजार करना होगा।

डॉक्टर सौम्या स्वामीनाथन ने एक इंटरव्यू में कहा है कि हम एक तरह से एंडेमिक स्टेज में प्रवेश कर रहे हैं जहां निम्न या मध्यम स्तर का ट्रांसमिशन जारी है, हालांकि अभी वैसे हालात नहीं है जिस तरह से कुछ महीने पहले थे।

भारत में स्थिति को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में स्वामीनाथन ने कहा कि, भारत में अलग-अलग क्षेत्रों में जनसंख्या की विविधता और इम्यूनिटी की स्थिति के कारण ऐसा रहा है। यह काफी हद तक संभव है कि यह उतार-चढ़ाव की स्थिति ऐसे ही जारी रहे।

डब्ल्यूएचओ की चीफ साइंटिस्ट डॉक्टर स्वामीनाथन ने उम्मीद जताई कि साल 2022 के अंत तक हम उस स्थिति में पहुंच जाएंगे, जब देश में 70 प्रतिशत तक वैक्सीनेशन का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा। फिर देश में हालात वापस पहले जैसे हो सकते हैं। स्वामीनाथन ने कहा कि बच्चों में कोरोनावायरस के ट्रांसमिशन को लेकर माता पिता को ज्यादा चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। बच्चे संक्रमित हो सकते हैं लेकिन उनमें लक्षण बहुत हल्के होते हैं।

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