WHO ने कहा- कोरोना के नए वेरिएंट के खिलाफ यूज की जा सकती है Astrazeneca Vaccine

विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने दक्षिण अफ्रीका में पाए गए कोविड-19 वेरिएंट के खिलाफ ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका वैक्‍सीन (Astrazeneca Vaccine) को इस्‍तेमाल करने की स्‍वीकृति दे दी है। WHO के अनुसार कोरोना के नए वेरिएंट के लिए ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका कोविड-19 वैक्सीन का इस्तेमाल किया जा सकता है।

WrittenBy

Written By: Rashmi Upadhyay | Published : February 11, 2021 2:42 PM IST

कोरोना वायरस के मामलों में भले ही गिरावट दर्ज की जा रही हो लेकिन कोरोना का नया वेरिएंट कम नहीं हो रहा है। भारत में तो फिलहाल कोरोना के नए व‍ेरिएंट के मामले नहीं आ रहे हैं लेकिन अन्‍य देशों में कई केसेज आ रहे हैं। ऐसे में विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने दक्षिण अफ्रीका में पाए गए कोविड-19 वेरिएंट के खिलाफ ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका वैक्‍सीन (Astrazeneca Vaccine) को इस्‍तेमाल करने की स्‍वीकृति दे दी है। WHO के अनुसार कोरोना के नए वेरिएंट के लिए ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका कोविड-19 वैक्सीन का इस्तेमाल किया जा सकता है।

डब्ल्यूएचओ स्ट्रेटेजिक एडवाइजरी ग्रुप ऑफ एक्सपर्ट्स ऑन इम्यूनाइजेशन (सेज) पैनल कहा कि दो खुराक वाले एस्ट्राजेनेका वैक्सीन की प्रभावकारिता का स्तर अधिक था जब खुराक के बीच अंतराल चार से 12 सप्ताह के भीतर का था। इसने यह भी कहा कि यद्यपि दक्षिण अफ्रीका में एक छोटे नमूने के आकार पर आधारित प्रारंभिक विश्लेषणों में कोरोना के हल्के और मध्यम रोग के खिलाफ टीके की प्रभावशीलता में कमी का संकेत मिलता है, इसने गंभीर कोविड-19 के खिलाफ टीके की प्रभावकारिता के एक विशिष्ट मूल्यांकन की अनुमति नहीं दी।

Astrazeneca Vaccine

वर्तमान में किया जा सकता है Astrazeneca Vaccine को यूज

डब्ल्यूएचओ के मुताबिक वर्तमान में यदि एस्ट्राजेनेका वैक्सीन का उपयोग किया जाए तो ये नुकसानदायक नहीं होगा। भारत के साथ ही अन्‍य देश के लोग भी वायरस को बेअसर करने में वैक्‍सीन का यूज कर सकते हैं। हालांकि देश के एक्‍सपर्ट और डॉक्‍टर्स की टीम वैक्‍सीन की प्राथमिकता को लेकर निर्णय ले सकती है। सेज के चेयरमैन एलेजेंड्रो क्रेविओटो ने बुधवार को ब्रीफिंग के दौरान कहा, "हमने एक सिफारिश की है कि भले ही इस वैक्सीन की सुरक्षा क्षमता में पूर्ण प्रभाव होने की संभावना में कमी हो, विशेष रूप से गंभीर बीमारी के खिलाफ, तो भी ऐसा कोई कारण नहीं है कि इसके इस्तेमाल की सिफारिश उन देशों में भी नहीं की जा सकती है, जहां वेरिएंट हैं।"

हालांकि दक्षिण अफ्रीका ने तब तक वैक्‍सीन के प्रयोग को मंजूरी न देने की बात कही है जब तक इसका क्लिनिकल ट्रायल पूरा न हो जाए। दक्षिणी अफ्रिका के मुताबिक देश में एस्ट्राजेनेका वैक्सीन के रोलआउट को अस्थायी रूप से तब तक मंजरी नहीं मिलेगी जब तक कि ये वैक्‍सीन कोविड-19 वेरिएंट के खिलाफ पूरी तरह से प्रभावकारी साबित न हो जाए।

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source

Disclaimer: The content on TheHealthSite.com is only for informational purposes. It is not at all professional medical advice. Always consult your doctor or a healthcare specialist for any questions regarding your health or a medical condition.