
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : February 22, 2021 1:58 PM IST
WHO के अनुसार फिलहाल कोरोना वायरस से बचाव के लिए किसी भी देसी या पारंपरिक दवा को मंजूरी नहीं दी जा सकती है।
कोरोना वायरस के खिलाफ देशभर में वैक्सीन अभियान को शुरू हुए 1 महीने से भी ज्यादा का वक्त हो गया है। वैक्सीनेशन ड्राइव के तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारत बायोटेक की कोवैक्सीन और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की कोविशील्ड वैक्सीन का टीका लगाया जा रहा है। पिछले दिनों ऐसी खबर आ रही थी कि बाबा रामदेव (Baba Ramdev) की दवा कोरोनिल (Coronil) को भी जल्द लॉन्च किया जा सकता है। लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने पंतजलि योगपीठ के बाबा रामदेव की दवा की कोरोना वायरस के खिलाफ कोरोनिल दवा (Coronil) को अप्रमाणित ठहरा दिया है। WHO के अनुसार फिलहाल कोरोना वायरस से बचाव के लिए किसी भी देसी या पारंपरिक दवा को मंजूरी नहीं दी जा सकती है।
@WHO has not reviewed or certified the effectiveness of any traditional medicine for the treatment #COVID19 — WHO South-East Asia (@WHOSEARO) February 19, 2021
दरअसल, बाबा रामदेव ने बीते शुक्रवार को अपनी कोरोनिल को फिर से लॉन्च किया था। इस दौरान उनके साथ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी मौजूद थे। रामदेव ने कहा था कि पतंजलि रिसर्च इंस्टिट्यूट की कोरोना दवा कोरोनिल (Coronil) विश्व स्वास्थ्य संगठन से सर्टिफाइड है। ऐसे में इसे इस्तेमाल किया जा सकता है। रामदेव के कहा था कि WHO के अनुसार कोरोनिल (Coronil) को गुड मैनुफैक्चरिंग प्रैक्टिस का सर्टिफिकेट मिला है। ऐसे में WHO South-East Asia ने ट्वीट कर कहा है कि फिलहाल किसी भी पारंपरिक दवा को मंजूरी नहीं दी जा सकती है।
इससे पहले भी बाबा रामदेव ने दावा किया था कि पतंजलि की कोरोनिल दवा को दुनिया की कई नामी कंपनियों और भारत सरकार द्वारा भी मान्यता मिल चुकी है। ऐसे में कोरोनिल का प्रयोग किया जा सकता है। रामदेव के अनुसार पतंजलि रिसर्च इंस्टिट्यूट की कोरोना दवा कोरोनिल इम्यूनिटी को बढ़ाने और कोरोना को कंट्रोल करने में मदद करेगी।