WHO ने बताया रोकने के प्रयास करने के बावजूद भी तेजी से बढ़ रहा है इबोला वायरस, भारत को कितना खतरा

विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख ने बताया कि इबोला वायरस का यह स्ट्रेन बहुत शक्तिशाली है और अफ्रीकी देशों में इसे फैलने से रोकने के तमाम प्रयासों के बाद भी इससे नए मामले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं और मौत का आंकड़ा भी बढ़ता जा रहा है।

WrittenBy

Written By: Mukesh Sharma | Published : May 26, 2026 12:47 PM IST

कोविड 19 की महामारी ने पूरी दुनिया को अब सावधान कर दिया है, दुनिया के किसी भी कोने में किसी कोई भी संक्रमण फैलने लगे तो लोग सावधान हो जाते हैं। पिछले कुछ हफ्तों में अफ्रीकी देशों में इबोला के फैलने की खबरें आ रही थी, जिससे दुनियाभर में लोगों के मन में डर बैठा हुआ है। भारत समेत कई देशों ने एयरपोर्ट्स पर स्क्रीनिंग करना शुरू कर दिया है और यहां तक कि कुछ देशों ने तो हाई रिस्क कंट्री जैसे डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, युगांडा और साउथ सूडान से आने वाले नागरिकों को क्वारंटाइन करना भी शुरू कर दिया है। हालांकि, दुनियाभर में एक्सपर्ट्स कह रहे जितनी तेजी से कोरोना वायरस फैलता है, उतनी तेजी से इबोला वायरस नहीं फैलता और ऐसा इसलिए है क्योंकि इबोला वायरस एयरबोर्न नहीं है। एयरबोर्न का मतलब होता है जो वायरस मरीज के द्वारा सांस के माध्यम से हवा में मिल जाते हैं। हालांकि, हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन की तरफ से कुछ अलग स्टेटमेंट भी आई है।

रोकने के प्रयासों के बावजूद भी बढ़ रहा इबोला

रायटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक WHO के डायरेक्टर-जनरल टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने सोमवार को कहा कि डेमोक्रेटिक रिपब्लिक कांगो और युगांडा में इबोला संक्रमण अब इतनी तेजी से बढ़ रहा है कि उसे रोकने या कंट्रोल करने के तरीके भी पूरी तरह से काम नहीं कर पा रहे हैं। सरल भाषा में कहें तो वहां पर इबोला को कंट्रोल करने के लिए तरीके अपनाए जा रहे हैं, लेकिन फिर भी इबोला के नए मामले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं और इसके चलते इबोला वायरस से होने वाली मौतों का आंकड़ा भी 220 को छू चुका है।

वर्तमान में कितने मामले?

हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार दुनियाभर में इबोला के मामले कुछ इस प्रकार हैं -

डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ द कांगोइसमें अभी तक 900 से ज्यादा संदिग्ध मामले मिल चुके हैं और 101 केस हैं। वहीं अगर मौत के आंकड़े की बात करें तो 220 से ज्यादा संदिग्ध मौत हो चुकी हैं।
युगांडाइबोला के 7 कन्फर्म मामले हैं और संदिग्ध मामलों की अभी कोई जानकारी नहीं है। वहीं इबोला से 1 कन्फर्म मौत हुई है, जबकि संदिग्ध मौतों की अभी जांच चल रही है।
साउथ सूडानइबोला से जुड़ा अभी तक इबोला का कोई संदिग्ध या कन्फर्म मामला सामने नहीं आया है। हालांकि, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने हाई रिस्क कंट्री बताया है क्योंकि इसकी सीमा कांगो और युगांडा दोनों से लगती है।

दूसरे देशों को कितना खतरा

WHO के डायरेक्टर-जनरल टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने बताया कि इबोला तेजी से आगे बढ़ रहा है और ऐसे में आसपास के देशों में भी यह इबोला संक्रमण फैलने का काफी खतरा हो सकता है। इटली में भी इबोला के दो संदिग्ध मामले पाए गए हैं, जिसमें युगांडा से लौटे दो यात्रियों में उल्टी व बुखार जैसे लक्षण मिलने के बाद उन्हें आइसोलेशन में भेज दिया गया है।

(और पढ़ें - इबोला के लिए भारत कितना तैयार?)

अफ्रीकी देशों को ज्यादा खतरा

ऑफिशियल्स का कहना है कि इबोला का सबसे ज्यादा खतरा अफ्रीकी देशों को भी है, लेकिन अन्य देशों के लिए भी सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। भारत ने भी एयरपोर्ट्स पर स्क्रीनिंग बढ़ा दी है और स्पेशल टेस्टिंग लैब तैयार करने पर काम किया जा रहा है। ताकि अगर परिस्थिति खराब होती है, तो जल्द से जल्द उससे निपटा जा सके।

डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य केवल इबोला से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं की जानकारी देना है और इसमें दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल किसी भी बीमारी के इलाज के रूप में नहीं किया जाना चाहिए। इसके लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source