
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : March 30, 2022 5:54 PM IST
WHO Guidelines For New Mothers & Baby: विश्व स्वास्थ्य संगठन ने प्रेगनेंसी के बाद और बच्चे के जन्म के बाद महिलाओं और शिशुओं की देखरेख से जुड़ी नयी गाइडलाइंस जारी की हैं। बुधवार को संस्था द्वारा कुछ प्रसवोत्तर अवधि में महिलाओं और नवजात शिशुओं का जन्म के पहले 6 सप्ताह में देखभाल करने के लिए अपना पहला वैश्विक दिशानिर्देश जारी किया। विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के अनुसार, दुनिया भर में, दस में से तीन से अधिक महिलाओं और शिशुओं को वर्तमान में जन्म के बाद शुरूआती दिनों में प्रसवोत्तर देखभाल नहीं मिलती है। बच्चे के जन्म के दौरान शारीरिक और भावनात्मक स्तर पर पहुंची तकलीफों, सर्जरी की वजह से होने वाले दर्द, कट्स और उनमें बार-बार होनेवाले दर्द के कारण महिलाएं कमजोर और दुर्बल हो जाती हैं। वहीं, जब महिलाओं को बच्चे को जन्म देने के बाद सही समय पर और उपयुक्त देखभाल नहीं मिल पाती तो उनकी स्थिति और गम्भीर हो सकती है। (WHO Guidelines For New Mothers & Baby In Hindi)
डब्ल्यूएचओ में मातृ, नवजात, बाल और किशोर स्वास्थ्य और उम्र बढ़ने के निदेशक डॉ अंशु बनर्जी (Dr Anshu Banerjee, Director of Maternal, Newborn, Child and Adolescent Health and Ageing at WHO) ने एक बयान में कहा कि एक बच्चे के जन्म के बाद गुणवत्तापूर्ण मातृत्व और नवजात देखभाल की आवश्यकता समाप्त नहीं होती है। "एक बच्चे का जन्म एक जीवन बदलने वाला क्षण होता है, जो प्यार, आशा और उत्साह से बंधा होता है, लेकिन यह अभूतपूर्व तनाव और चिंता भी पैदा कर सकता है। माता-पिता को मजबूत स्वास्थ्य देखभाल और समर्थन प्रणाली की आवश्यकता होती है, विशेष रूप से महिलाओं की, जिनकी बच्चा पैदा होने के बाद अक्सर उपेक्षा कर दी जाती है। डॉ.बनर्जी के अनुसार, तत्काल स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को दूर करने के अलावा, जन्म के बाद के ये पहले सप्ताह संबंध बनाने और दीर्घकालिक शिशु विकास और स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले व्यवहारों को स्थापित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
WHO के दिशानिर्देशों में 63 बिंदु बताए गए जिनमें कुछ प्रमुख परामर्श हैं ये-