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Who Is More At Risk Of Delta Variant: साफ-साफ पता चल गया किसे है डेल्‍टा वेरिएंट का सबसे ज्‍यादा खतरा, पढ़‍िए पूरी स्‍टडी

Who Is More At Risk Of Delta Variant: पब्लिश हेल्‍थ इंगलैंड (Public Health England) के डाटा के अनुसार पता चलता है कि डेल्‍टा वेरिएंट का रिस्‍क बच्‍चे, जवान और बूढ़े सभी को है। जानिए डेल्‍टा वेरिएंट से बचने के लिए क्‍या किया जा सकता है।

करीब डेढ़ साल की कश्‍मश के बाद भारत कोरोना से निपटता दिख रहा है और लोगों की जिंदगी भी सिर्फ घरों तक सीमित न होकर जरूरी कामों के लिए बाहर निकलना भी संभव हो रहा था। लेकिन कोरोना के नए वेरिएंट लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रहे हैं। कोरोना की दूसरी लहर से उभर रहा भारत अब डेल्‍टा वेरिएंट (Delta Variant) और डेल्‍टा प्‍लस वेरिएंट (Delta Plus Variant) की चपेट में आ गया है। हालांकि अब तक साइंटिस्‍टों को डेल्‍टा के बारे में पूरी जानकारी नहीं मिली है, लेकिन जिस तरह से देखते ही देखते देश के लोग डेल्‍टा प्‍लस वेरिएंट की चपेट में आ रहे हैं उससे यही लग रहा है कि यह बहुत खतरनाक और संक्रामक हो सकता है।

क्‍या कहते हैं एक्‍सपर्ट? (Expert on Delta Variant)

जानकारों ने दावा किया है कि डेल्टा और डेल्टा प्लस दोनों ही वेरिएंट काफी चिंता का विषय हैं और खतरनाक है। हाल ही में, सरकारी अधिकारियों ने कहा कि डेल्टा प्लस वेरिएंट या AY.1 वेरिएंट K417N नाम परिवर्तन के उप‍लब्धि की विशेषता है, जो इसे और अधिक खतरनाक बनाता है। उन्होंने दावा किया कि डेल्टा प्लस वेरिएंट ज्‍यादा संक्रामक और फेफड़ों को नुकसान पहुंचाने वाला हो सकता है।

किसे है डेल्‍टा वेरिएंट ज्‍यादा खतरा? (Who Is More At Risk Of Delta Variant)

यूके ऑफिशियल द्वारा जारी किए गए डाटा के अनुसार, भारत में अब तक कोरोना के जितने भी वेरिएंट दिखे हैं उनमें से डेल्‍टा सबसे ज्‍यादा संक्रामक हो सकता है। पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड का दावा है कि 95% मामलों में कम उम्र के लोगों, जिन्‍होंने कोरोना वैक्‍सीन नहीं लगाई है या जिन्‍होंने सिर्फ वैक्‍सीन की 1 डोज ली है ऐसे लोगों को डेल्‍टा वेरिएंट से संक्रमित होने का ज्‍यादा खतरा होता है। डाटा के अनुसार फरवरी की शुरुआत और मिड जून तक अंदाजा लगाया गया है कि डेल्‍टा वेरिएंट के 92,029 मामले दर्ज हुए हैं जिसमें से 82,500 ऐसे लोग थे जिनकी उम्र 50 साल से ज्‍यादा थी और उन्‍होंने कोरोना वैक्‍सीन नहीं लगाई थी। डेल्‍टा वरिएंट के कारण 50 साल की उम्र से ज्‍यादा 117 लोगों की मौत हुई है। डाटा के अनुसार डेल्‍टा व‍ेरिएंट के कारण 8 ऐसे लोगों की मौत भी हुई है जिनमें से 6 लोग 50 साल की उम्र से कम के थे और उन्‍होंने वैक्‍सीन नहीं लगाई थी, जबकि 2 लोगों ने वैक्‍सीन की 1 डोज ले रखी थी।

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डेल्‍टा वेरिएंट से कैसे बचा जाए? (How to avoid Delta Variants)

पब्लिश हेल्‍थ इंगलैंड (Public Health England) के डाटा के अनुसार पता चलता है कि डेल्‍टा वेरिएंट का रिस्‍क बच्‍चे, जवान और बूढ़े सभी को है। क्‍योंकि कोरोना के नए-नए वेरिएंट सामने आ रहे हैं इसलिए हमें इसके खिलाफ काफी जागरुक रहने की जरूरत है। डेल्‍टा से बचने के लिए कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करें, मास्‍क लगाकर ही बाहर जाएं, सोशल डिस्‍टेंसिंग मेनटेन रखें और जल्‍द से जल्‍द वैक्‍सीन लगवाएं। कोरोना वैक्‍सीन लगाकर आप वायरस के खिलाफ लड़ने की इम्‍युनिटी जुटा सकते हैं।

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