इन 2 कारणों से एक बार फिर बढ़ रहे हैं कोविड डेथ के मामले, WHO ने जतायी चिंता

WHO की कोविड-19 टेक्निकल लीड डॉ. मारिया वान केरखोव ने हाल ही में एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि कोविड की वजह से होने वाली मृत्युदर दुखद है।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : August 28, 2022 10:48 AM IST

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि कोरोना वायरस महामारी खत्म नहीं हुई है और कोविड संक्रमण की वजह से मरीजों की मृत्यु के मामलों में दुनिया भर में इजाफा भी देखा जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की कोविड-19 टेक्निकल लीड डॉ. मारिया वान केरखोव (Maria Van Kerkhove, the WHO's technical lead) ने हाल ही में एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि कोविड की वजह से होने वाली मृत्युदर दुखद है। उन्होंने कहा कि कोविड संक्रमण से सुरक्षा देने के लिए आज इलाज के तरीके, वैक्सीनेशन और स्वास्थ्य इकाइयों के पास इंतजाम है। ऐसे में कोविड से लोगों का मरना तकलीफ देने वाली घटना है।

मारिया के अनुसार कोरोना संक्रमण से मृत्यु का खतरा बढ़ने के 2 प्रमुख कारण ये हैं-

  • पहला, वायरस की बढ़ती संक्रामकता के कारण लोगों में जहां संक्रमण बढ़ रहा है वहीं इससे अस्पताल में भर्ती होने और गम्भीर बीमारी की स्थिति भी देखी जा रही है।
  • दूसरा, दुनियाभर में जिस रफ्तार से कोविड वैक्सीनेशन हो रहा है वह तेज करने की जरूरत है। क्योंकि, धीमी गति से टीकाकरण के कारण संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है।

साल 2022 में  कोरोना से हुई 10 लाख लोगों की मृत्यु

वहीं, कुछ समय पहल विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख टेड्रोस एडनॉम ने भी बयान दिया था कि, कोरोना वायरस का खतरा अभी खत्म नहीं हुआ है। साल 2022 में ही अब तक कोरोना से 10 लाख लोगों की मृत्यु हो चुकी है जो इस संक्रमण के खतरे के बरकरार रहने का एक सबूत हैं।

आंकड़ों के मुताबिक, कोरोना वायरस महामारी की शुरूआत ( दिसंबर 2019) से अब तक वैश्विक आबादी के स्वास्थ्य पर इस वायरस का बहुत अधिक असर देखा गया है। कोरोना वायरस के अलग-अलग वेरिएंट्स की चपेट में आने के कारण दुनियाभर में करोड़ों लोगों को संक्रमण हुआ वहीं, अब तक 64 लाख से अधिक लोगों की मृत्यु भी कोविड-19 संक्रमण की वजह से हो चुकी है।

एक्सपर्ट्स के अनुसार, विश्वभर में कोरोना वायरस के जिन वेरिएंट्स का असर सबसे अधिक देखा गया है उन्हें भी बहुत गम्भीर बीमारी का कारण नहीं बताया गया है। इससे एक बात साफ होती है कि लोग, दुनियाभर में कोरोना वायरस और उसके स्ट्रेन्स को कम गंभीरता से लिया जा रहा है।

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