WHO ने दी बुरी खबर, 2021 से पहले कोरोना वैक्सीन की उम्मीद करना बेकार

जहां एक ओर दुनियाभर में कोरोनावायरस से हाहाकार मचा हुआ है और लोग बेसब्री से कोरोना वैक्सीन का इंतजार कर ही है, वहीं इसी बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने एक बुरी खबर दे दी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि 2021 की शुरुआत के पहले COVID-19 वैक्सीन की उम्मीद बेकार है। इस लिहाज से यह स्पष्ट हो रहा है कि साल 2020 में कोरोना वैक्सीन बन पाया मुमकिन नहीं है। WHO की तरफ से यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब 150 से अधिक COVID-19 वैक्सीन विभिन्न स्तर पर काम कर रही हैं।

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Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : July 24, 2020 12:11 PM IST

जहां एक ओर दुनियाभर में कोरोनावायरस से हाहाकार मचा हुआ है और लोग बेसब्री से कोरोना वैक्सीन का इंतजार कर ही है, वहीं इसी बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने एक बुरी खबर दे दी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि 2021 की शुरुआत के पहले COVID-19 वैक्सीन की उम्मीद बेकार है। इस लिहाज से यह स्पष्ट हो रहा है कि साल 2020 में कोरोना वैक्सीन बन पाया मुमकिन नहीं है। WHO की तरफ से यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब 150 से अधिक COVID-19 वैक्सीन विभिन्न स्तर पर काम कर रही हैं।

WHO इस चीज पर गंभीरता से नजर रखे हुए है कि जनता तक सही और सुरक्षित वैक्सीन पहुचें। इसी बीच, WHO की हेड माइक रयान का कहना है कि कोरोना वैक्सीन के विषय में हम अच्छी प्रगति कर रहे हैं। उन्होनें कहा कि कई वैक्सीन तीसरे फेस में हैं और ये सभी वैक्सीन लगभग हर स्तर पर सुरक्षा प्रदान करने में सक्षम भी हैं। इनमें से कोई भी अभी तक फेल नहीं हुई है। हालांकि अभी कुछ दिन पहले ही दिल्ली के एम्स से कोरोनावायरस वैक्सीन (AIIMS Coronavirus Vaccine) से जुड़ी बड़ी खबर आई थी। दिल्ली एम्स में कोरोना वैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल हुआ जिसमें 100 लोगों को शामिल किया गया था। बता दें कि यह देश का अब तक का सबसे बड़ा ह्यूमन ट्रायल थ।

Coronavirus Vaccine

इस सब के बावजूद उम्मीद जताई जा रही है कि जल्दी ही स्वदेशी कोरोना वैक्सीन पर अच्छी खबर मिलने वाली है, क्योंकि भारत के 12 संस्थानों में इस वैक्सीन पर ह्यूमन ट्रायल का काम शुरू हो गया है। देश के जिन 12 संस्थानों में कोरोना वैक्सीन को लेकर ह्यूमन ट्रायल का काम चल रहा है, उनमें दिल्ली और पटना के एम्स और हरियाणा के रोहतक का पीजीआई को भी शामिल किया गया है। इस वैक्सीन का सबसे बड़ा परीक्षण दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में आज से शुरू हो गया है। बता दें कि कुल 375 लोगों पर ह्यूमन ट्रायल होना है, जिसमें से अभी 100 वॉलिटियर पर (AIIMS Coronavirus Vaccine) परीक्षण होगा।

आईसीएमआर और भारत बायोटेक मिलकर कोरोनावायरस के लिए वैक्सीन बना रहे हैं। कुल 375 वॉलिंटियर पर इसका ट्रायल किया जाएगा। यह ट्रायल तीन चरणों में होगा। जिसके पहले चरण की शुरुआत हो चुकी है और और शुरुआती रिजल्ट वैज्ञानिकों के लिए काफी उत्साहवर्धक हैं। कोरोनावायरस वैक्सीन के ह्यूमन ट्रायल की प्रक्रिया दिल्ली एम्स के साथ-साथ पटना एम्स में भी शुरू हो चुकी है। पटना के एम्स में 10 वॉलेंटियर को यह वैक्सीन दी गई है। पटना एम्स में वॉलेंटियर्स को दिए वैक्सीन में अबतक किसी को किसी तरह के साइड इफेक्ट्स होने की खबर सामने नहीं आई है। इससे पहले रोहतक के पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में भी कोरोना वैक्सीन का ट्रायल शुरू हो गया है। यहां के डॉक्टर्स ने तीन वॉलिंटियर्स को वैक्सीन की पहली डोज दी है।