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कोविड-19 वैक्सीन को लेकर WHO प्रमुख ने दी चेतावनी, कहा- होने वाला है बड़ा नैतिक पतन

WHO प्रमुख टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने कहा, 'मुझे कुंठित होने की जरूरत है। दुनिया एक भयावह नैतिक पतन की कगार पर है। इस पतन की कीमत दुनिया के सबसे गरीब देशों में जीवन और आजीविका के साथ चुकानी होगी।'

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Written By: Anshumala | Published : January 20, 2021 9:56 AM IST

Coronavirus Vaccination in World in Hindi: डब्ल्यूएचओ (WHO) के प्रमुख टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने चेतावनी देते हुए कहा है कि दुनिया भर में कई देशों में कोरोना वैक्सीन को लेकर असमान नीतियों के कारण 'भयावह नैतिक पतन' (Horrific Moral Collapse) देखने को मिल रही है। ऐसा करना किसी भी हाल में उचित नहीं है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि अमीर देशों में युवाओं और स्वस्थ लोगों को गरीब राज्यों में रहने वाले कमजोर लोगों से पहले वैक्सीन लगवाएं। ये बेहद दुख की बात है कि लगभग 49 अमीर राज्यों में 3.9 करोड़ से अधिक वैक्सीन की खुराक दी गई, लेकिन एक गरीब राष्ट्र को सिर्फ 25 खुराक मिली। हालांकि, डब्ल्यूएचओ और चीन दोनों की कोरोना वैक्सीन से संबंधित प्रतिक्रिया के लिए आलोचनाएं भी की गई हैं।

डब्ल्यूएचओ द्वारा गठित एक स्वतंत्र पैनल ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र के सार्वजनिक स्वास्थ्य निकाय को पहले अंतर्राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा करनी चाहिए थी, साथ ही सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों को जल्द लागू नहीं करने के लिए चीन को भी फटकार लगाई थी। अब तक चीन, भारत, रूस, ब्रिटेन और अमेरिका सभी ने कोविड के टीके विकसित किए हैं, जबकि अन्य को बहुराष्ट्रीय टीमों द्वारा बनाया जा रहा है, जैसे अमेरिकी-जर्मन फाइजर वैक्सीन (Pfizer Vaccine)।

दुनिया एक भयावह नैतिक पतन की कगार पर

टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने कहा ''अधिकतर देशों ने सिर्फ अपने बारे में सोचा है। अपने देश के लोगों के लिए वैक्सीन वितरण (Coronavirus Vaccination in World) को प्राथमिकता दी है। उन्होंने आगे कहा कि मुझे कुंठित होने की जरूरत है, दुनिया एक भयावह नैतिक पतन की कगार पर है। इस पतन की कीमत दुनिया के सबसे गरीब देशों में जीवन और आजीविका के साथ चुकानी होगी।"

बढ़ सकती है वैक्सीन की जमाखोरी

आज वैक्सीन के प्रति दृष्टिकोण आत्म-पतन की तरह है, क्योंकि यह कीमतों को बढ़ाएगा और जमाखोरी को प्रोत्साहित करेगा, जिससे ये कार्य सिर्फ महामारी को लम्बा बनाएंगे। टेड्रोस ने कहा है कि वैश्विक वैक्सीन-साझाकरण योजना कोवैक्स के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता का आह्वान किया, जो अगले महीने शुरू होने वाली है। अभी सबसे बड़ी चुनौती सभी सदस्य राज्यों के लिए 'विश्व स्वास्थ्य दिवस' जो 7 अप्रैल को है, हर देश में कोविड-19 टीके को प्रशासित करना है। इससे संभवत: कोरोना महामारी और असमानता दोनों को खत्म किया जा सकेगा।

WHO ने जताई नाराजगी, कहा- “पहले युवाओं को नहीं बल्कि बुजुर्गों को लगनी चाहिए कोरोना वैक्‍सीन”

स्रोत: (IANS Hindi)