
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : August 7, 2020 9:49 AM IST
कोरोना वैक्सीन पर WHO चीफ का बड़ा बयान, कहा- सिर्फ ऐसे संभव है COVID-19 का जल्दी इलाज
कोरोनावायरस के चलते दुनियाभर में हो रही तबाही को देखते हुए हर कोई कोरोना वैक्सीन आने का इंतजार कर रहा है। अगर वैक्सीन आती है तो कोविड मरीजों का तो सफल इलाज होगा ही साथ ही वो लोग भी राहत की सांस लेंगे जो अभी तक कोरोना संक्रमण का शिकार तो नहीं हुए हैं लेकिन खतरा उन पर जरूर मंडरा रहा है। वैक्सीन आने से पूरी दुनिया की इकॉनामी भी फिर से रफ्तार पड़ेगी। इसी बात पर मुहर लगाते हुए डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस एडहोम घेब्रेयसिस ने कहा है कि अगर कोरोना वैक्सीन बनती है तो महामारी से जल्दी निपटा जा सकता है। क्योंकि बिना वैक्सीन के अभी तक इस वायरस का इलाज ढूंढना मुश्किल लग रहा है। अगर वैक्सीन आती है तो उसके प्रयोग से इस महामारी को कम किया जा सकेगा।
वह एनबीसी नेटवर्क द्वारा संचालित संयुक्त राज्य में एस्पेन सिक्योरिटी फोरम के सदस्यों के साथ हुई एक ऑनलाइन पैनल चर्चा में महानिदेशक टेड्रोस ऐडनम ने कहा “टीके साझा करना या अन्य उपकरण साझा करना वास्तव में दुनिया को एक साथ ठीक होने में मदद कर सकता है। टेड्रोस ने कहा कि इससे दुनियाभर में आर्थिक सुधार बेहतर और कोविड-19 से नुकसान को कम किया जा सकता है।
वहीं अगर वैक्सीन की बात करें तो रूस लगातार दावा कर रहा है कि उसने कोरोना के खिलाफ वैक्सीन लगभग तैयार कर दी है और अक्टूबर में वह इसका उत्पादन भी शुरू कर देगा। हालांकि WHO ने रूस के वैक्सीन बनाने के दावे पर संदेह जताया था। साथ ही ब्रिटेन और अमेरिका को भी रूस का यह दावा सही नहीं लग रहा है। अमेरिका के संक्रामक रोग विशेषज्ञ एंथोनी फाउची ने वैक्सीन के इस दावे पर गहरी शंका जाहिर की है।
इससे पहले साइबेरिया के नोवोसिबिर्स्क स्थित रूस के वैक्टर एंड रिसर्च बायोटेक्नोलॉजी के रिसर्च सेंटर से रिसर्च टीम के शोधकर्ताओं ने कहा था कि कमरे के तापमान में रखा पानी कोरोना संक्रमण को रोकने में मदद कर सकता है। वायरोलॉजी एंड बायोटेक्नोलॉजी के वैक्टर स्टेट रिसर्च सेंटर के शोधकर्ताओं द्वारा कहा गया कि नॉर्मल वॉटर यानि कि सादा पानी कोरोनावायरस के संक्रमण को रोकने में मदद कर सकता है। अध्ययन में, यह पाया गया कि कोरोनवायरस के 90 प्रतिशत कण 24 घंटे के अंतराल में कमरे के तापमान के पानी में मर गए, जबकि 99.9 प्रतिशत 72 घंटों में नष्ट हो गए।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के डायरेक्टर टेड्रोस ऐडनम ने अपने वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, कोरोनावायरस के लिए अभी तक कोई रामबाण इलाज नहीं मिल सका है और शायद ही आगे इसका रामबाण इलाज मिल सके। उन्होंने आगे यह भी कहा कि हालात अभी सामान्य होने में काफी समय लगेगा। 3 महीने पहले ही WHO की इमर्जेंसी कमिटी बैठक हुई थी। इसके बाद से दुनियाभर में कोरोनावायरस फैलने के मामले पांच गुना से अधिक यानि 1.75 करोड़ पहुंच चुके हैं और मौत का आंकड़ा तीन गुना हो चुका है।