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Written By: Atul Modi | Updated : November 3, 2021 7:00 PM IST
दरअसल, डब्ल्यूएचओ ने भारत बायोटेक द्वारा विकसित कोवैक्सीन को कोरोना वैक्सीन की इमरजेंसी यूज़ लिस्ट (EUL) में शामिल किया गया है। यानी अब बाकी दूसरी वैक्सीन की तरह कोवैक्सीन भी WHO कोरोना वैक्सीन की आपातकालीन इस्तेमाल की लिस्ट में है।
कोवैक्सीन को डब्ल्यूएचओ द्वारा मिली मंजूरी बाकी देशों से मिले अप्रूवल से ज्यादा मायने रखती है।
🆕 WHO has granted emergency use listing (EUL) to #COVAXIN® (developed by Bharat Biotech), adding to a growing portfolio of vaccines validated by WHO for the prevention of #COVID19. pic.twitter.com/dp2A1knGtT
— World Health Organization (WHO) (@WHO) November 3, 2021
कोवैक्सीन को इमरजेंसी यूज लिस्ट में शामिल किए जाने के बाद अब इस वैक्सीन कि दोनों डोज जो भी लगवाएगा उसे फुली वैक्सीनेटेड माना जाएगा जैसा कि Covishield, Pfizer और Moderna सहित तमाम वैक्सीन को लेने के बाद मान्यता दी गई है।
EUL में शामिल किए जाने से और कोवैक्सीन की आपूर्ति गरीब देशों में COVAX पहल के तहत की जा सकेगी। हालांकि कोवैक्सीन को यहां तक पहुंचने में कई प्रकार की अग्नि परीक्षाओं का सामना करना पड़ा।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने ट्वीट करते हुए अपनी ख़ुशी जाहिर की है, उन्होंने WHO द्वारा Covaxin को मिली मंजूरी के बाद लिखा, 'मेड इन इंडिया Covaxin को आपातकालीन उपयोग सूची (EUL) प्रदान करने के लिए WHO को धन्यवाद।'
मनसुख मंडाविया ने ICMR और भारत बायोटेक के वैज्ञानिकों को बधाई दी है.
यह समर्थ नेतृत्व की निशानी है,
यह मोदी जी के संकल्प की कहानी है, यह देशवासियों के विश्वास की ज़ुबानी है, यह आत्मनिर्भर भारत की दिवाली है। Thanking @WHO for granting emergency use listing ( EUL) to Made-in-India #Covaxin — Dr Mansukh Mandaviya (@mansukhmandviya) November 3, 2021