पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने के लिए गुजरात में WHO के ग्लोबल सेंटर की स्थापना को मंजूरी, PM Modi ने जाहिर की खुशी

WHO-GCTM को दुनिया के सभी क्षेत्रों से जोड़ने और लाभान्वित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में जामनगर में 21 अप्रैल को इसका भव्य भूमि पूजन समारोह होगा।

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Written By: Atul Modi | Published : March 26, 2022 3:16 PM IST

भारत की पारंपरिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए आयुष मंत्रालय ने गुजरात के जामनगर में डब्ल्यूएचओ ग्लोबल सेंटर की स्थापना को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है। इसके लिए मंत्रालय के अधिकारियों ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधियों के साथ एक कार्यक्रम आयोजित कर कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए। सेंटर का अंतरिम कार्यालय आयुर्वेद शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (ITRA) गुजरात में है। केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम से न सिर्फ परंपरागत चिकित्सा पद्धति को ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर एक नई पहचान मिलेगी बल्कि ग्लोबल हेल्थ के मामले में भारत को नेतृत्व करने का मौका भी मिलेगा।

बता दें कि, समझौते पर आयुष मंत्रालय के सचिव पद्मश्री वैद्य राजेश कोटेचा और डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस ने हस्ताक्षर किये। समझौते के तहत केंद्र के लिए 250 मिलियन अमरीकी डालर के निवेश की व्यवस्था की गई है। ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन (Global Center For Traditional Medicine) का पहला उद्देश्य आधुनिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी के माध्यम से दुनिया भर से पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों की क्षमता का दोहन करना और दुनिया भर के समुदायों के समग्र स्वास्थ्य में सुधार करना है। मालूम हो कि पिछले महीने ही केंद्रीय मंत्रिमंडल ने GCTM केंद्र की स्थापना को मंजूरी दी थी।

पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों से दुनिया की भलाई करने होगी निर्णायक भूमिका

दुनिया भर में GCTM पारंपरिक चिकित्सा के लिए पहला और विश्व का एकमात्र वैश्विक केंद्र (कार्यालय) होगा। यह पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों, उत्पादों पर नीतियों और मानकों के लिए ठोस साक्ष्य आधार बनाने पर ध्यान केंद्रित करेगा। साथ ही सभी देशों को इसे अपनी स्वास्थ्य प्रणालियों में उपयुक्त रूप से एकीकृत करने, इष्टतम और टिकाऊ प्रभाव के लिए इसकी गुणवत्ता के साथ सुरक्षा को विनियमित करने में मदद करेगा। पारंपरिक चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक प्रमुख और बड़ा स्तंभ है। यह न केवल भारत में बल्कि दुनिया भर में अच्छे स्वास्थ्य और कल्याण को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। हाल के वर्ष में पारंपरिक चिकित्सा उपचारों ने भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग के रूप में एक बड़ा परिवर्तन देखा है। वहीं टेक्निकल इनोवेशन ने इसे लोगाें के लिए अधिक सुलभ बना दिया है।

21 अप्रैल को होगा भव्य भूमि पूजन समारोह

आधुनिक तकनीकों को अपनाने के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग अब पारंपरिक चिकित्सा में साक्ष्य और रुझानों को मैप करने और फाॅर्माकोकाइनेटिक गुणों के लिए प्राकृतिक उत्पादों की जांच करने के लिए किया जा रहा है। WHO-GCTM को दुनिया के सभी क्षेत्रों से जोड़ने और लाभान्वित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में जामनगर में 21 अप्रैल को इसका भव्य भूमि पूजन समारोह होगा।

पीएम मोदी ने ट्वीट कर जाहिर की अपनी खुशी

इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि, "भारत की पारंपरिक दवाएं और स्वास्थ्य पद्धतियां विश्व स्तर पर बहुत लोकप्रिय हैं डब्ल्यूएचओ ग्लोबल सेंटर हमारे समाज में स्वास्थ्य को बढ़ाने में काफी मददगार साबित होगा।"

पीएम मोदी ने कहा, "भारत पारंपरिक चिकित्सा के लिए अत्याधुनिक डब्ल्यूएचओ ग्लोबल सेंटर बनने पर सम्मानित महसूस कर रहा है। यह सेंटर एक स्वस्थ ग्रह बनाने और दुनिया की भलाई के लिए हमारी इस समृद्धि पारंपरिक प्रथाओं का लाभ उठाने में योगदान देगा।"

WHO के महानिदेशक जताया आभार

भारत सरकार की पहल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस ने कहा कि "आधुनिक विज्ञान की समानता और स्थिरता के सिद्धांतों पर चित्रण करके पारंपरिक चिकित्सा की क्षमता का उपयोग 21 वीं सदी में स्वास्थ्य के लिए अहम बदलाव का कारक होगा। मैं इस नए केंद्र की स्थापना में भारत सरकार के ऐतिहासिक योगदान के लिए आभारी हूं और इस पहल की प्रगति को देखकर उत्साहित हूं।"

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