
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Published : August 17, 2021 10:25 AM IST
डॉक्टर गुलेरिया ने कहा कि हो सकता है अगले कुछ महीनों के अंदर बच्चों को कोरोना वैक्सीन लगना शुरू हो जाए.
कोरोना की तीसरी लहर (Corona Third Wave In India) को लेकर हर कोई डरा हुआ है और डरना स्वाभाविक भी है। कोरोना की दूसरी लहर (COVID-19 Third Wave In India) ने हमारे देश के कई लोगों की जान ली और कई नए वेरिएंट भी सामने आ चुके हैं। वैसे तो अभी तक कोरोना के कई स्ट्रेन आ चुके हैं लेकिन डेल्टा वेरिएंट (Delta Variant) को अब तक का सबसे खतरनाक वेरिएंट माना जा रहा है। डेल्टा प्लस वेरिएंट (Delta Plus Variant) के भी 13 वेरिएंट दुनिया में आ चुके हैं जिसमें से 3 वेरिएंट भारत में मिलने वाले सैंपलों में भी देखे जा रहे हैं। Ay.1, Ay.2 और Ay.3 डेल्टा प्लस वेरिएंट के ऐसे वेरिएंट हैं जो महाराष्ट्र में देखे जा चुके हैं। इंटरनेशनल स्टडीज बताती हैं कि डेल्टा वेरिएंट का कोई भी वेरिएंट पूरी तरह से कोविड एंटीबॉडी से बच नहीं सकता है। फिर चाहे वो वैक्सीन के बाद बनी एंटीबाडी हो या वैक्सीन से बनी हो। इससे ये तो साफ होता है कि हर व्यक्ति को वैक्सीन लगाना कितना जरूरी है। भारत में कोरोना का कौन सा वेरिएंट बन सकता है तीसरी लहर का कारण? (Which Variant Cause Third Wave In India) अभी तक ऐसी कोई स्टडी नहीं आई है जिससे ये पता चले कि भारत में कोरोना की तीसरी लहर के लिए कौन सा वेरिएंट जिम्मेदार होगा। लेकिन डेल्टा वेरिएंट से बन रहे अन्य वेरिएंट और इसके तेजी से प्रसार को देखते हुए लग रहा है कि कोरोना का डेल्टा वेरिएंट तीसरी लहर का कारण (Delta Variant Could be a cause of Third Wave In India) बन सकता है।
कोरोना की तीसरी लहर कब तक आ सकती है और कितनी खतरनाक होगी इसका जवाब देते हुए एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया (AIIMS Director Randeep Guleria) ने कहा कि अगर लोग कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करें तो भारत में कोरोना की तीसरी लहर आने की संभावना बहुत कम है। उन्होंने कहा "मुझे नहीं लगता कि जितनी खतरनाक कोरोना की दूसरी लहर थी उसी तरह कोरोना की तीसरी लहर (Corona Third Wave) भी होगी।" यानि कि अगर लोग मास्क पहनें, सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखे और सेनिटाइजर का यूज करें तो भारत में कोरोना की तीसरी लहर आने की संभावना काफी कम है। जब डॉक्टर रणदीप गुलेरिया से ये पूछा गया कि कोरोना की तीसरी लहर का बच्चों का क्या असर हो सकता है तो उन्होंने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर बच्चों के लिए खतरनाक हो सकती है। उन्होंने कहा कि क्योंकि बड़ों और युवाओं को वैक्सीन लग चुकी है, लेकिन बच्चों को अभी तक वैक्सीन नहीं है, इसलिए उनका संक्रमण की चपेट में आने का खतरा ज्यादा है। हालांकि डॉक्टर गुलेरिया ने साथ ही ये भी कहा कि हो सकता है अगले कुछ महीनों के अंदर बच्चों को कोरोना वैक्सीन लगना शुरू हो सकता है।
डेल्टा वेरिएंट इतना खतरनाक है कि उसके भी कई वेरिएंट आ चुके हैं। महाराष्ट्र में जीनोम सीक्वेंसिंग की रिपोर्ट बताती है कि राज्य में डेल्टा प्लस वेरिएंट के 66 ऐसे केस मिले हैं जिनमें Ay.1, Ay.2 और Ay.3 स्ट्रेन मिला है। ये स्ट्रेन डेल्टा वेरिएंट के हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि कोरोना वायरस से डेल्टा वेरिएंट बना, फिर उससे डेल्टा प्लस वेरिएंट सामने आया और अब डेल्टा प्लस वेरिएंट (Delta Plus Variant) के भी 13 स्ट्रेन की पुष्टि हो चुकी है जो Ay.1, Ay.2, Ay.3, Ay.4 से लेकर Ay.13 तक चलते हैं। इनमें शुरु के 3 वेरिएंट अब तक महाराष्ट्र में मिल चुके हैं और बाकी के दुनिया के अन्य देशों में हैं। इन नए स्ट्रेन पर हुई अब तक की स्टडी से पता चलता है कि डेल्टा की तरह ये भी बहुत तेजी से फैलने वाले हैं।
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