
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : July 9, 2021 11:42 PM IST
तिसऱ्या लाटेचा लहान मुलांना जास्त धोका
When Will Covid-19 End : इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च (Indian Council for Medical Research) की तरफ से दिए गए एक बयान में कोरोना वायरस के भविष्य से जुड़ा एक बड़ा दावा किया गया है। आईसीएमआर के एक अधिकारी का कहना है कि, कोविड-19 वायरस कुछ समय बाद इन्फ्लूएंजा की तरह ही अपने स्थानिक चरण में पहुंच सकता है। जिसके बाद यह एक मौसमी बीमारी की तरह हर साल लौट भी सकता है और भविष्य में ऐसा भी हो सकता है कि संक्रमण की चपेट में आने से बचने के लिए लोगों को हर साल कोरोना वैक्सीन लगवानी पड़े। इस बयान के अनुसार, हाई-रिस्क ग्रुप्स और कमज़ोर इम्यूनिटी वाले लोगों को हर साल कोविड वैक्सीन लगवाने की ज़रूरत पड़ सकती है। (When Will Covid-19 End in Hindi)
यह बयान दिया है आईसीएमआर में डिवीजन ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड कम्युनिकेबल डिजीज (Division of Epidemiology and Communicable Diseases, ICMR ) के प्रमुख समीरन पांडा ने (Samiran Panda) जिनके बयान के अनुसार, , "म्यूटेशन सभी वायरस के लिए स्वाभाविक है, जब उनका प्रसार होता है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि कोविड-19 वायरस थोड़ी देर के बाद इन्फ्लूएंजा की तरह अपने स्थानिक चरण (Endemic Stage) में पहुंच जाएगा और फिर कमजोर आबादी वाले समूह को सालाना वैक्सीन की खुराक लेनी पड़ सकती है।"
डॉ.पांडा ने अपनी बात रखते हुए इंफ्लूएंजा का उदाहरण भी दिया,जिसे एक सदी पहले एक महामारी माना जाता था, लेकिन अब फ्लू या इंफ्लूएंजा एक एक स्थानिक बीमारी है और इस मौसमी बीमारी से बचाव के लिए टीकाकरण आसानी से उपलब्ध है। उन्होंने आगे कहा, "ठीक इसी तरह से कोविड-19 के संदर्भ में भी हम उम्मीद करते हैं कि यह महामारी होने की अपनी वर्तमान स्थिति से धीरे-धीरे एक स्थानिक बीमारी बन जाएगी। फिलहाल हम वयस्कों को फ्लू की सालाना खुराक लेने की सलाह देते हैं। जैसे-जैसे इन्फ्लूएंजा का वायरस उत्परिवर्तित होता रहेगा, हम उस हिसाब से टीके में मामूली बदलाव करते जाएंगे इसलिए घबराने की बात नहीं है। अभी उपलब्ध टीके कोविड-19 के नये वैरिएंट्स (New Variants of Covid-19) के खिलाफ काफी हद तक प्रभावी हैं।"
(आईएएनएस)