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Written By: Jitendra Gupta | Published : April 7, 2021 3:24 PM IST
कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगवाने के बाद हुआ बेबी कंसीव? ये डॉक्टर टिप्स रखेंगे आपको और बेबी को सेफ, करें ये आसान उपाय
कोविड-19 के खिलाफ वैक्सीनेशन के दूसरे फेज में बड़ी संख्या में लोगों तक यह वैक्सीन पहुंच हो रही है। लेकिन जो महिलाए गर्भवती है, या गर्भधारण (Baby conceive) की योजना बना रही है या ब्रेस्टफीडिंग करा रही है उन्हें वैक्सीन लगवाने से पहले निम्नलिखित चीजों का ध्यान रखना चाहिए। वैक्सीन लगवाने के लिए आपको प्रेग्नेंसी टेस्ट कराने की जरुरत नहीं है। वैक्सीन लगवाने के बाद गर्भधारण करने से पहले आप पति के साथ गायनेकोलॉजिस्ट के पास जाएं और उससे इस बारें में चर्चा करें। आइए जानते हैं कोरोना वैक्सीन लगवाने के दौरान गर्भधारण (Baby conceive after get first covid vaccine shot) में बरती जाने वाली सावधानियां।
गुरुग्राम स्थित मिरेकल्स मेडीक्लीनिक और अपोलो क्रेडल हॉस्पिटल की ऑब्स्टेट्रिसियन और गायनेकोलॉजिस्ट कंसल्टेंट डॉ. वीनू अग्रवाल कहती हैं वैक्सीन के दोनों डोज लगवाने के 2 हफ्ते के बाद इम्युनाइज्ड हुआ माना जा सकता है। वैक्सीन लगने (Baby conceive after get first covid vaccine shot) से आप कोरोनावायरस से बीमार नहीं होंगे। ऐसा जरूरी नहीं है कि आप कोरोनावायरस की वैक्सीन लगवाने के बाद गर्भधारण में देरी करें। अगर आप वैक्सीन की पहली डोज लेने के बाद ही गर्भवती हो जाती हैं, तो गर्भावस्था को जारी रखना ठीक है। आपके लिए सबसे बढ़िया उपाय है कि इस बारे में अपने स्त्री रोग विशेषज्ञ के साथ अपनी गर्भावस्था पर चर्चा करें। वैक्सीन कोविड-19 वायरस को भ्रूण तक नहीं पहुंचाती है। इसलिए गर्भवती होने के बाद भी दूसरा डोज लगवाएं।
उन्होंने बताया कि इस बात का कोई सबूत नहीं मिला है कि कोविड-19 वैक्सीन गर्भावस्था के दौरान निर्धारित किसी भी दवाई और सप्लीमेंट में फर्क डालती है। अगर आप गर्भवती हैं या ब्रेस्टफीडिंग करा रही हैं और वैक्सीन के लिए योग्य हैं, तो वैक्सीन लगवाना उचित है।हर डोज के बाद वैक्सीनेशन से कुछ दर्द जैसे कि जहा पर आप सुई लगवाते है वहां
वैक्सीन के दूसरे शॉट के बाद साइड इफेक्ट ज्यादा तीव्र हो सकते हैं - ये नार्मल संकेत होते हैं इससे आपकी शरीर का सुरक्षा का निर्माण हो रहा होता है और कुछ दिनों के भीतर ये संकेत गायब हो जाते है। दर्द और बेचैनी को कम करने के लिए जहां आपको शॉट लगा है, उस जगह पर एक साफ, ठंडा, गीला वॉशक्लॉथ लगाएं और अपनी बांह को हिलाने के लिए सचेत कोशिश करें। आप इसके बजाय एक आइसपैक का उपयोग भी कर सकते हैं। बुखार से बेचैनी को कम करने के लिए, हल्के कपड़े पहनें और तरल पदार्थों का सेवन करें।`सुनिश्चित करें कि जिस बांह में शॉट लगा हों आप उसे नीचे करके न सोएं।
अगर आपको जहां इंजेक्शन लगा है वहां पर लाली या कोमलता 24 घंटे के बाद खराब हो जाती है या आपका साइड इफेक्ट कुछ दिनों के बाद दूर नहीं होता हैं तो किसी डॉक्टर से संपर्क करें। गर्भवती होना आपका के लिए यह आपका पर्सनल फैसला होता है और इस फैसले को आप और आपके पति लेते है। इस निर्णय में वैक्सीन की भूमिका और प्रभाव न्यूनतम है। झूठी खबरों / जानकारी के फेर में न आयें। चिंताजनक जानकारी के केस में अपने स्त्री रोग विशेषज्ञ या चिकित्सक से खबर सच है या नही जांचे।
9मीउसेस वेलनेस क्लीनिक, गुरुग्राम की कॉस्मेटिक सर्जन और मुख्य कंसल्टेंट डॉ गीता ग्रेवाल ने कहा, "ज्यादातर लोग इस बात से बेखबर है कि भोजन से भी स्वास्थ्य ख़राब होता है। जंक फ़ूड का ज्यादा इस्तेमाल करने से शरीर पर बुरा असर पड़ता है। स्वस्थ पोषण के महत्व के बारे में जनता को शिक्षित करने की जिम्मेदारी स्वास्थ्य कर्मियों के साथ-साथ सरकार की भी है। हर डॉक्टर को इस जागरूकता पहल में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी और प्रत्येक मरीज को अच्छे भोजन की आदतों के महत्व के बारे में बात करनी होगी। सरकार को सॉफ्ट ड्रिंक और जंक फूड के विज्ञापनों पर कुछ नियमों को लागू करना चाहिए - ये प्रोडक्ट मशहूर हस्तियों द्वारा एंडोर्स किये जाते है और इससे बहुत सारे लोग प्रभाववित होते है। दुकान-मालिकों को प्रवेश द्वार पर चीनी से भरे जंक फ़ूड पदार्थों को स्टॉक करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। क्योकि इससे लोग ललचाकर दूकान पर आते है और जंकफ़ूड खरीदते है।"
(इनपुटः डॉ. वीनू अग्रवाल, ऑब्स्टेट्रिसियन और गायनेकोलॉजिस्ट कंसल्टेंट, मिरेकल्स मेडीक्लीनिक और अपोलो क्रेडल हॉस्पिटल, गुरुग्राम)