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Mission Indradhanush In Hindi: जन्म के बाद बच्चों का टीकाकरण बहुत जरूरी होता है। नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों को कई टीके लगाए जाते हैं, जो उन्हें कई तरह के संक्रमण और बीमारियों से बचाने के लिए जरूरी होते हैं। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार की ओर से मिशन इंद्रधनुष की शुरुआत की गई। आज देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी संसद में बजट सुनाते हुए में इस मिशन का जिक्र किया। आइए, जानते हैं मिशन इंद्रधनुष से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें -
मिशन इंद्रधनुष भारत सरकार की टीकाकरण से जुड़ी हुई एक योजना है। इस योजना के तहत भारत सरकार 0 से 5 साल तक के बच्चों और गर्भवती महिलाओं को सात जानलेवा बीमारियों से रोकथाम के लिए टीकाकरण अभियान चलाती है। भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने 25 दिसंबर 2014 को मिशन इंद्रधनुष की शुरुआत की थी। इस योजना को कम टीकाकरण वाले जिलों में लागू किया गया था। इस कार्यक्रम के जरिए सरकार उन बच्चों और गर्भवती महिलाओं तक पहुंचना चाहती है, जिनका नियमित टीकाकरण नहीं हो पाया है। इस कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य कर्मी, आंगवाड़ी कार्यकर्ता और आशा बहुएं टीकाकरण से वंचित बच्चों का और गर्भवती महिलाओं के घर जाकर टीकाकरण करती हैं।
इस मिशन के तहत बच्चों और प्रेग्नेंट महिलाओं को 12 जानलेवा बीमारियों से बचाव के लिए टीके लगाए जाते हैं। शुरुआत में इस कार्यक्रम के तहत 7 बीमारियां - डिप्थीरिया, टेटनस, हूपिंग कफ, हेपेटाइटिस-बी, मीजल्स, ट्यूबरक्लोसिस और पोलियो शामिल थीं। बाद में इसमें कुछ नई बीमारियों को भी शामिल किया गया, जो हैं - रूबेला, रोटावायरस, निमोनिया, मेनिनजाइटिस और जापानी इंसेफलाइटिस।
टीकाकरण को आसान बनाने और ट्रैक रखने के लिए सरकार ने U-Win पोर्टल और एप की शुरुआत की है। इस एप पर टीकाकरण और सेंटर से जुड़ी जानकारी उपलब्ध है। साथ ही, वैक्सीनेशन के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और स्लॉट बुक करने की सुविधा भी मिलती है।