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Written By: akhilesh dwivedi | Updated : November 21, 2018 11:18 AM IST
इस बीमारी में इंसान चाहकर भी अपने हाव-भाव व व्यवहार में नियंत्रण नहीं कर पाता। ©Shutterstock.
बाइपोलर डिसऑर्डर की बीमारी ऐसी बीमारी है जिसमें इंसान एक पल में ही खुश तो दूसरे पल में दुखी हो जाता है। इस बीमारी में इंसान के व्यवहार में बहुत तेजी से परिवर्तन आता है। बाइपोलर डिसऑर्डर के शिकार इंसान बहुत जल्द तनाव में आ जाते हैं। कुछ लोगों में यह बीमारी नशे की वजह से होती है तो कुछ लोगों में इसके कारण का पता नहीं लग पाता है। बाइपोलर डिसऑर्डर में इंसान चाहकर भी अपने व्यवहार में नियंत्रण नहीं कर पाता है। बाइपोलर डिसऑर्डर के शिकार इंसान तनाव व डिप्रेशन के भी शिकार हो जाते हैं। आइए जानते हैं उसके कुछ सामान्य से लक्षण......
ऊर्जा में कमी
बाइपोलर डिसऑर्डर से पीडि़त व्यक्ति का आम लक्षण होता है कि वह किसी कार्य को पूरा करने में असमर्थ महसूस करता है। इस रोग से ग्रस्त व्यक्ति अपनी पूरी ऊर्जा काम में नहीं लगा पाते है, जिससे उनके किसी भी काम के पूरा होने में परेशानी होती है। ऊर्जा की कमी के कारण ऐसे लोग एक समय में एक ही काम कर पाते हैं।
कल्पना में रहना
बाइपोलर डिसऑर्डर से पीड़ित व्यक्ति हमेशा अपने ख्यालों में खोया रहता है। वह अपने खयालों में न जाने कहां तक पहुंचा जाता है। ऐसे व्यक्ति के दिमाग में हजारों बातें चलती रहती हैं जिन पर उनका काबू नहीं रहता।
नींद की समस्या
यदि आपको नींद न आने की समस्या है तो आप बाइपोलर डिसऑर्डर से ग्रसित हो सकते हैं। ऐसे लोगों को ज्यादा डिप्रेशन की वजह से नींद नहीं आ पाती जिससे वह अकसर थकान महसूस करते हैं।
काम में गड़बड़ी
बाइपोलर डिसऑर्डर से पीड़ित व्यक्ति किसी काम को अच्छे से नहीं कर पाता। दूसरों से बात करने में परेशानी के कारण ऐसा होता है। जिसके कारण उनके काम में लगातार गड़बड़ी होती रहती है।
चिड़चिड़ापन
बाइपोलर डिसऑर्डर से पीड़ित व्यक्ति में पागलपन और डिप्रेशन दोनों ही एक साथ दिखाई देते है। पागलपन और डिप्रेशन होने के कारण वह अकसर चिड़चिड़े बने रहते हैं। उनका छोटी-छोटी बातों में चिड़चिड़ा व्यवहार करना आम होता है। चिड़चिड़ेपन के कारण ही उनके करीबी रिश्ते भी खराब हो जाते हैं।
एक ही बात को बार-बार बोलना
किसी बात को जल्दी-जल्दी बोलना या एक बात को कई बार बोलना बाइपोलर डिसऑर्डर का लक्षण है। ऐसे व्यक्ति अपनी बात के आगे दूसरे की बात नहीं सुनते। वह दूसरों को बोलने का मौका नहीं देते और इनका वार्तालाप एक तरफा ज्यादा होता है।
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