Amphotericin B: जानिए क्‍या है ब्‍लैक फंगस की दवा जिसकी बढ़ गई है डिमांड, जानिए कीमत और उसका उपयोग

ब्‍लैक फंगस या म्‍यूकोरमायकोसिस संक्रमण में प्रयोग की जाने वाली Amphotericin B दवा क्‍या है? इस दवा के बारे में जानने के लिए पढ़ें यह लेख।

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Written By: Atul Modi | Published : June 3, 2021 1:41 PM IST

जब से दुनिया में कोरोना वायरस का संक्रमण फैला है तब से इसके उपचार के लिए तमाम तरह की दवाइयों और इंजेक्शन के नाम भी सुनने को मिलते रहे हैं। उनमें कुछ खास नाम हैं जैसे हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन, Remedesivir,  डेक्सामेथासोन और फैबीफ्लू आदि। मगर फिलहाल इन दवाओं के अलावा एक और दवा चर्चा में आ गई है जिसका नाम Amphotericin b है, इसका प्रयोग कोरोनावायरस से ठीक होने के बाद जिन लोगों में म्यूकोरमायकोसिस के लक्षण हैं, उनका उपचार करने के लिए किया जा रहा है। मगर रोगियों की संख्या बढ़ने और दवाओं का उत्पादन कम होने के कारण इसकी डिमांड बढ़ गई है।

डिमांड बढ़ने को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कई प्रश्न पूछे हैं, उन्होंने ट्वीट कर पूछा की दवाओं की कमी के लिए क्या किया जा रहा है साथ ही यह भी पूछा की दवा दिलाने की क्या प्रक्रिया है? उनके सवाल का जवाब मोदी सरकार कब देगी यह तो नहीं पता है मगर इस दवा के बारे में हम आपको जरूर जानकारी देंगे! आइए विस्तार से समझते हैं इस ब्लैक फंगस की दवा के बारे में

Amphotericin B दवा क्या है?

Amphotericin B एक एंटीफंगल दवा है। यह दवा कवकों के रक्षात्मक लेयर को बनने से रोकता है साथ ही उन्हें नष्ट भी कर देता है। यह दवा Pollen anti micotix दवाओं की श्रेणी में आती है। इस दवा का उपयोग ना सिर्फ म्‍यूकोरमायकोसिस संक्रमण में किया जा रहा है बल्कि इससे जुड़े अन्य दूसरे फंगल इन्फेक्शन में भी एंफोटरइसिन बी दवा का प्रयोग विशेषज्ञों द्वारा किया जा रहा है। Mucormycosis के उपचार में प्रयोग की जाने वाली Amphotericin B दवा का इस्तेमाल आमतौर पर ब्लैक फीवर के लिए किया जाता रहा है, इसे नेक्स्ट स्टार फार्मा कंपनी ने बनाया था जिसे 1999 में एक अन्‍य कंपनी ने खरीद लिया। हालांकि वर्तमान में इस दवा का उत्‍पादन कblackई अलग-अलग कंपनियों द्वारा किया जा रहा है।

अभी तक खबरों में इस दवा की किल्लत सुनने को नहीं आई है मगर जिस प्रकार से विपक्ष केंद्र सरकार पर निशाना साध रहा है ऐसे में यह अंदेशा जताया जा सकता है कि आने वाले समय में इस दवा की कमी हो सकती है हालांकि केंद्र सरकार भी इस प्रकार की समस्याओं से निपटने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है!

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