Omicron के बढ़ते मामलों पर WHO की सख्त टिप्पणी: कहा, 'बचाव करें वरना केस बढ़ने पर बढ़ेंगी मौतें'

ओमीक्रोन वेरिएंट अब तक दुनिया के 70 से ज्यादा देशों में फैल चुका है, जिसको लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दुनिया को सावधानी बरतने की सलाह दी है। डब्ल्यूएचओ की महामारी विज्ञानी ने ओमीक्रोन के संचरण और गंभीरता को लेकर क्या कुछ कहा है जानिए...

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Written By: Atul Modi | Published : December 17, 2021 5:23 PM IST

दुनिया भर में जिस तरह से ओमीक्रोन (Omicron) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, इसको लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी लगातार दुनिया को चिर निद्रा से जगाने का काम कर रहा है। कोरोना के मामले कम होने के साथ ही जिस तरह से लोग निश्चिंत होकर बिना मास्क के भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाना शुरू कर चुके हैं, वह काफी चिंताजनक है। इससे कोरोना को दोबारा तबाही मचाने का मौका मिल सकता है। डब्ल्यूएचओ शुरू से ही ऐसे व्यवहारों के खिलाफ रहा है। वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एक बार फिर ओमीक्रोन को हल्के में ना लेने की सलाह दी है और साथ ही चेतावनी भी दी है कि अगर ओमीक्रोन के मामले बढ़ेंगे तो मौतें भी बढ़ेंगी।

संक्रामक रोग महामारी विज्ञानी व WHO की Covid-19 टेक्नीकल लीड, मारिया वैन करखोव (Maria Van Kerkhove) ने Omicron के संचरण और गंभीरता पर जानकारी देते हुए कहा, "हम जानते हैं कि ओमीक्रोन बहुत तेजी से फैल रहा है, और कुछ देशों में यह डेल्टा से भी ज्यादा तेजी से बढ़ रहा है। हालांकि इसके बारे में अभी कुछ भी कह पाना जल्दबाजी होगी, क्योंकि अभी हमारे पास सारे सवालों के जवाब नहीं है। लेकिन हम देख रहे हैं कि ओमीक्रोन जिन देशों में पाया गया, वहां बहुत तेजी से फैल रहा है। अभी भी कुछ शोध किए जा रहे हैं जिनमें हम ओमीक्रोन और डेल्टा की तुलना कर रहे हैं, लेकिन अभी हमारे पास सारी जानकारी नहीं है।

मारिया वैन करखोव ने कहा कि, यूनाइटेड किंगडम में कुछ शुरुआती जांच हुई है जिनमें पाया गया है कि ओमीक्रोन डेल्टा के मुकाबले तेजी से बढ़ा, लेकिन फिर भी कुछ कह पाना बहुत जल्दबाजी होगी। बहुत सारी शुरुआती जांच में यह पाया गया है कि बहुत से लोगों में ओमीक्रोन की हल्की प्रवृति के लक्षण मिले हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि ओमीक्रोन खतरनाक नहीं है या ये सिर्फ हल्के लक्षण या हल्की बीमारी ही फैलाएगा।

उन्होंने कहा, बढ़े हुए संक्रमण का मतलब आपको ज्यादा केस मिलने वाले हैं और ज्यादा केस मिलने का मतलब ज्यादा हॉस्पिटलाइजेशन, ज्यादा हॉस्पिटलाइजेशन का मतलब ज्यादा मौतें। और अगर हम इस पर कुछ कर सकते हैं तो हमें अभी से ही इस पर काम करना होगा।

उन्होंने इस बात को दोहराते हुए कहा कि अब इंतजार करने का बिल्कुल भी समय नहीं है कि हम अस्पतालों में मरीजों की बढ़ी हुई संख्या देखें; और हमने कई देशों में यह देखना शुरू भी कर दिया है। तो इसलिए हमें अभी भी पूरी दुनिया में लोगों के बीच इसके संक्रमण को कम करने के लिए, चाहे वह वैक्सीनेटेड हो या ना हो बहुत कुछ करने की जरूरत है।

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