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हम बहुत सारी बातों के लिए तर्क प्रस्तुत करने लगते हैं जैसे जो लोग मोटे होते हैं, वे अपने खाने की आदत को दोष देते हैं और भूखे रहकर इसको संतुलित करने की कोशिश करते हैं। लेकिन वे यह नहीं समझते कि उनके खाने की आदत ही खराब है यानि अस्वस्थ है, इसलिए वे वज़न कम नहीं कर पा रहे हैं।
भूखी अवस्था में मेटाबॉलिज़्म कम हो जाती है और इसके कारण फैट जमने लगता है। आप शायद यह महसुस कर रहे होंगे कि वज़न कम हुआ है लेकिन वह फैट के कम होने से नहीं मांसपेशियों के कम होने से हुआ है।जैसे ही आप सामान्य रूप से खाने लगेंगे वज़न फिर बढ़ने लगेगा।
इसलिए उपवास करने की जगह, लो-कैलोरी वाला खाना जैसे फलों और सब्जियों को खाकर वज़न कम करने की कोशिश करें। इन खाद्द पदार्थों में फाइबर होता है जो आपके पेट को देर तक तृप्त रखता है। बहुत सारे लोग यह सोचते हैं कि14-15 घंटे या उससे ज़्यादा देर तक खाना नहीं खाने से शरीर उपवास के स्थिति (स्टार्वैशन मोड) में पहुँच जाता है मगर नाश्ता नहीं करने से भी शरीर की स्थिति यही होती है। इसलिए नियमित अंतराल में थोड़ी मात्रा में खाना ज़रूरी है।
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