18 से 24 साल की उम्र के लोगों के लिए आने वाले 10 साल बन सकते हैं इस बीमारी की वजह, स्टडी में दावा ज्यादा युवा होंगे शिकार

द लैंसेट में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक आने वाले 10 वर्षों में 18 से 24 साल के युवाओं को मोटापे का सबसे ज्यादा खतरा है।

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Written By: Jitendra Gupta | Published : September 8, 2021 6:02 PM IST

कोविड महामारी ने पूरे देश में दहशत फैलाने का काम किया है, जिसके बाद से सभी लोग अपने स्वास्थ्य को लेकर गंभीर हो गए हैं लेकिन इस बात से हम सभी को भलीभांति परिचित होना चाहिए कि इसके साथ ही कई और समस्याओं ने भी जन्म लिया है। बढ़ती टेंशन और लंबे समय से घर पर काम ने मोटापे समेत कई समस्याओं को बढ़ा दिया है। अव्यवस्थित खान-पान, लंबे समय तक काम करना, पूरा दिन कंप्यूटेर के सामने बैठकर काम करना, इस तरह से जीवन शैली में गति का न होना और कम या बिल्कुल भी शारीरिक गतिविधि न करना इसके लिए मुख्यतौर पर जिम्मेदार हैं। वहीं इन समस्याओं में सबसे आम मुद्दों में से एक जो सामने आया है वह है वजन बढ़ना।

बदलती जीवनशैली बनी कारण

यह सच मोटापा लंबे समय से एक परेशान करने वाली स्वास्थ्य समस्या रहा है लेकिन इसकी वजह है कि COVID-19 महामारीके दौरान हमारी जीवन शैली में बदलाव एक योगदान कारक रहा है, जो बढ़ते वजन का कारण बना है।

इस रिपोर्ट में सामने आई बड़ी बात

एक अध्ययन में बताया गया है कि युवाओं को अन्य किसी आयुवर्ग की तुलना में आने वाले वर्षों में वजन बढ़ने का बड़ा खतरा है। इसके पीछे का कारण हम आपको यहां बताने जा रहे हैं। बता दें कि यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन, कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय और बर्लिन इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड चैरिटी यूनिवर्सिटैट्समेडिज़िन बर्लिन के शोधकर्ताओं ने एक अध्ययन किया, जिसमें उन्होंने पाया कि युवाओं में अगले 10 साल में वजन बढ़ने की समस्या देखी जाएगी।

वजन बढ़ने के रिस्क की जांच

द लैंसेट डायबिटीज एंड एंडोक्रिनोलॉजी में प्रकाशित इस अध्ययन में वजन बढ़ने का सबसे ज्यादा जोखिम वयस्क आयु वर्ग में सबसे अधिक होता है, जो उम्र के साथ लगातार कम होता जाता है। इसके लिए शोधकर्ताओं ने अलग-अलग ग्रुप में अलग-अलग उम्र में वजन बढ़ने के रिस्क की जांच के लिए 1998 और 2016 के बीच इंग्लैंड में 20 लाख से अधिक वयस्कों के हेल्थ रिकॉर्ड की जांच की।

शोधकर्ताओं ने पाया कि 65 से 74 वर्ष की आयु के लोगों की तुलना में 18 से 24 वर्ष की आयु के लोगों में अधिक वजन होने और अगले 10 वर्षों में मोटापा होने की संभावना चार गुना अधिक थी।

इस उम्र के लोगों में रिस्क ज्यादा

वहीं अध्ययन के निष्कर्ष हमें स्पष्ट रूप से दिखाते हैं कि बीएमआई परिवर्तन के लिए हमारी सामाजिक जीवन शैली को देखते हुए उम्र सबसे महत्वपूर्ण कारकों में से एक है और 18 से 24 वर्ष की आयु के युवाओं में वृद्ध वयस्कों की तुलना में बीएमआई बढ़ने का अधिक रिस्क होता है। साथ ही अध्ययन में यह भी पाया गया कि मोटापे से ग्रस्त व्यक्तियों में अन्य वयस्कों की तुलना में वजन कम न करने का रिस्क सबसे अधिक था।

बता दें कि युवा पीढ़ी बड़े जीवन परिवर्तनों से गुजरती हैं। ऐसे में वे ऐसे काम शुरू कर सकते हैं, जो उनके स्वास्थ्य के लिए बेहतर हो।

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