Add The Health Site as a
Preferred Source
Add The Health Site as a Preferred Source

Stress Awareness Month 2024: इंफर्टिलिटी से लेकर पेट की बीमारियां, स्ट्रेस की वजह से बढ़ जाते ये 5 रोग, समझें तनाव और हेल्थ का सीधा कनेक्शन

आज की भागदौड़ भरी दुनिया में, सभी उम्र के लोगों में मेंटल प्रेशर और स्ट्रेस की समस्या में बढ़ोतरी देखी जा रही है। इससे लोगों को मेंटल हेल्थ और फिजिकल हेल्थ से जुड़ी समस्याएं भी हो रही हैं।

Stress Awareness Month 2024: इंफर्टिलिटी से लेकर पेट की बीमारियां, स्ट्रेस की वजह से बढ़ जाते ये 5 रोग, समझें तनाव और हेल्थ का सीधा कनेक्शन

Written by Sadhna Tiwari |Updated : April 23, 2024 10:02 PM IST

Effects of stress on health: स्ट्रेस आपकी हेल्थ के लिए कितना नुकसानदायक हो सकता है इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि यह आपकी फिजिकल और मेंटल हेल्थ दोनों को खराब कर सकता है। डॉक्टरों के अनुसार, तनाव ना केवल आपको मानसिक रूप से प्रभावित करता है, बल्कि यह आपकी फिजिकल हेल्थ को भी नुकसान (stress can harm your physical health) पहुंचाता है। बता दें कि, अप्रैल महीने को स्ट्रेस अवेयरनेस मंथ (Stress Awareness Month 2024) के तौर पर जाना जाता है और इसके माध्यम से लोगों को स्ट्रेस की वजह से होने वाले नुकसान से बचाने के प्रयास किए जाते हैं।

आज की भागदौड़ भरी दुनिया में, सभी उम्र के लोगों में मेंटल प्रेशर और स्ट्रेस की समस्या में बढ़ोतरी देखी जा रही है। इससे लोगों को मेंटल हेल्थ और फिजिकल हेल्थ से जुड़ी समस्याएं भी हो रही हैं। आइए जानें किस तरह तनाव या स्ट्रेस आपकी मेंटल और फिजिकल हेल्थ को नुकसान पहुंचा सकता है।

तनाव की वजह से बढ़ती हैं ये बीमारियां

डॉ. विपुल गुप्ता (गुरुग्राम स्थित आर्टेमिस अस्पताल में न्यूरोइंटरवेंशन के निदेशक और स्ट्रोक यूनिट के सह-प्रमुख) का कहना है कि ''मेंटल हेल्थ पर असर डालने के अलावा, स्ट्रेस आपके शरीर पर भी गहरा प्रभाव डाल सकता है। इससे कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां और बीमारियां आपको हो सकती हैं।

Also Read

More News

डॉक्टर ने कहा कि तनाव नींद से जुड़ी समस्याएं (sleep related problems) भी बढ़ा सकता है, जिससे सोने में मुश्किल हो सकती है, इससे उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और स्ट्रोक जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

"तनाव की वजह से शारीरिक प्रतिक्रियाएं ट्रिगर होती हैं, जिसमें कोर्टिसोल (Cortisol) और एड्रेनालाईन जैसे स्ट्रेस हार्मोन्स का लेवल भी बढ़ जाताहै। ये हार्मोन्स सामान्य शारीरिक कार्यों को बाधित कर सकते हैं।

इंफर्टिलिटी का कारण हो सकता है स्ट्रेस

"आईबीएस और गैस्ट्राइटिस जैसे पाचन संबंधी विकार भी स्ट्रेस से जुड़े हुए हैं, क्योंकि यह आंतों की फंक्शनिंग को बाधित कर सकते हैं और इससे सूजन भी बढ़ सकती है। इसके अलावा, लंबे समय तक बने रहने वाला तनाव हार्मोनल इम्बैलेंस या हार्मोन्स के असंतुलन (Hormonal Imbalance) की भी वजह बन सकता है, जिससे पुरुषों और महिलाओं दोनों में प्रजनन संबंधी समस्याएं(Fertility related problems) बढ़ सकती हैं।"

(IANS)

Add The HealthSite as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source