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Written By: IANS | Published : October 8, 2018 8:35 AM IST
डायबिटीज, उच्च रक्तचाप एवं मोटापे की वजह से किडनी फेल होने का खतरा रहता है। © Shutterstock
डायबिटीज (मधुमेह), उच्च रक्तचाप एवं मोटापे की वजह से किडनी (गुर्दा) फेल होने का खतरा रहता है। ऐसे में इस बीमारी से बचने के लिए सावधानी सबसे ज्यादा जरूरी है। किडनी को दुरुस्त रखने के लिए चिकित्सक पांच चीजों से बचने की सलाह देते हैं जो कि काफी उपयोगी है।
बीएलके सुपरस्पेशियैलिटी अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक एवं नेफ्रोलोजी एंड रेनल ट्रांसप्लांटेशन के डायरेक्टर डॉ. सुनील प्रकाश ने कहा, "अंग्रेजी के एस अक्षर से शुरू होने वाली पांच बातों से किडनी को बचाकर रखने की जरूरत है- सॉल्ट ( नमक), शुगर (चीनी), स्ट्रेस (तनाव), स्मोकिंग ( सिगरेट बीड़ी पीना) एवं सेडेंटरी लाइफ स्टाइल (बैठे रहना यानी हमेशा निष्क्रिय रहना)।" देश में 3 लाख से अधिक किडनी रोगी : विशेषज्ञ
सत्यराज किडनी केयर फाउंडेशन संस्था द्वारा किडनी की चेतना जगाने को लेकर रविवार को आयोजित एक कार्यक्रम में डॉ. प्रकाश ने किडनी पर बढ़ते खतरों को रेखांकित करते हुए आम लोगों के बीच इसको लेकर व्यापक चेतना अभियान चलाए जाने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि किडनी फेल होने की स्थिति में डायलिसिस और किडनी प्रत्यारोपण की स्थिति न आए इसलिए यह जरूरी है कि किडनी को लेकर शुरू से ही सावधानी बरती जाए।
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उन्होंने कहा कि खराब हो गए गुर्दे के इलाज में इतना खर्च होता है कि यह हर आदमी के बूते की बात नहीं है इसलिए किडनी को दुरुस्त बनाए रखने में ही समझदारी है।
किडनी को रखें रोगों से बचाकर
डॉ. प्रकाश ने कहा कि किडनी की बीमारी अंतिम चरण में पहुंच जाए यानी वह काम करना बंद कर दे तो डायलिसिस और प्रत्यारोपण जैसे इलाज बेहद महंगे हैं, इसलिए किडनी को रोगों से बचाकर रखना ही सबसे सही रास्ता है। किडनी को बीमार ही न होने दें। मधुमेह, उच्च रक्तचाप व मोटापे के बढ़ते हुए मामलों पर चिंता प्रकट करते हुए उन्होंने कहा कि आज शरीर की सेहत के लिए बेहद महत्वपूर्ण अंग किडनी के चारों तरफ खतरे मंडरा रहे हैं इसलिए आम लोगों में किडनी को बीमारियों से बचाने के लिए गहन चेतना अभियान चलाए जाने की जरूरत है।