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विटामिन बी12 की कमी शरीर के लिए कितनी हानिकारक है इस बात को आप भले ही न समझते हों लेकिन नवजातों में इस पोषक तत्वों की कमी खराब शारीरिक विकास और खून की कमी का शिकार बना सकती है। एक अध्ययन में इस बात का खुलासा हुआ है कि विटामिन बी12 की कमी एक ऐसी समस्या है, जिसे अक्सर नजरअंदाज किया जाता है। अध्ययन के मुताबिक, जब बात दुनियाभर में कुपोषण की होती है तो विटामिन ए, जिंक और आयरन की कमी पर बरसों से ध्यान दिया जा रहा है लेकिन जब बात बी12 की कमी की होती है तो ढेर सारे शोध की कमी खलती है। आइए जानते हैं क्यों जरूरी है नवजातों में इस पोषक तत्व की।
नवजातों में विटामिन बी12 की कमीतंत्रिका तंत्र को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ खून की कमी का कारण बनती है। इतना ही नहीं किशोरों में विटामिन बी12 की कमी दिमागी विकास के लिए बहुत ही जरूरी है।
यूनिवर्सिटी ऑफ कोपेनहेगन डिपार्टमेंट ऑफ न्यूट्रिशन, एक्सरसाइज एंड स्पोर्ट्स के प्रोफेसर और अध्ययन के मुख्य लेखक हेनरिक फ्रीस का कहना है कि बी12 की कमी सबसे ज्यादा नजरअंदाज की जाने वाली समस्याओं में से एक है, खासकर जब बात कुपोषण की होती है। दुर्भाग्य की बात ये है कि हमारे द्वारा मुहैया कराए जाने वाले खाद्य सहायता उस कमी को पूरा करने में सक्षम नहीं है।
कोपेनहेगन यूनिवर्सिटी और डॉक्टर्स विदआउट बॉर्डर्स की एक टीम ने 6 से 23 महीने के 1000 बच्चों पर अफ्रीका के बुर्कीना फासो में ये अध्ययन किया था। ये बच्चे गंभीर कुपोषण की स्थिति से जूझ रहे थे। जर्नल PLOS Medicine में प्रकाशित इस अध्ययन के निष्कर्ष विटामिनबी12 की कमी खराब शारीरिक विकास और खून की कमी के बीच मजबूत संबंध को दर्शाते हैं।
शोधकर्ताओं ने जरूरी विटामिन बी12 की मात्रा वाले राशन के लगातार तीन महीने यूज किए जाने से पहले और बाद में बच्चों के विटामिन बी12 स्तर को मांपा। इस अवधि के दौरान जब बच्चों को उन फूड्स को सेवन कराया गया, जिसमें विटामिन बी12 था तो पाया गया कि बच्चों का बी12लेवल बढ़ गया लेकिन जैसे ही अध्ययन को रोक दिया गया तो उनका बी12 लेवल लगातार कम होना शुरू हो गया।
इतना ही नहीं तीन महीने बाद जब खाद्य सहायता बंद कर दी गई तो एक तिहाई बच्चों के शरीर में जमा बी12 लेवल कम और जरूरी लेवल कम होना फिर से जारी रहा। हालांकि अभी तक इस बात का पता नहीं लग पाया है कि शरीर कितनी मात्रा भी बी12 को अवशोषित करता है।
एक्सपर्ट का कहना है कि एक बच्चे की आंत प्रत्येक खाने में सिर्फ और सिर्फ एक माइक्रोग्राम बी12 को ही अवशोषित कर सकता है। इसलिए अगर किसी एक बच्चे में 500 माइक्रोग्राम बी12 की कमी है तो कुछ सप्ताह तक ऐसे फूड्स का सेवन बढ़ाना होगा, जिसमें विटामिन बी12 की जरूरी मात्रा मौजूद हो।