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Written By: Pallavi | Updated : October 8, 2022 9:30 AM IST
Vitamin B12 deficiency: शरीर को हर विटामिन की जरुरत होती है। किसी एक की भी कमी, शरीर के काम काज को प्रभावित कर सकती है। ऐसा ही एक विटामिन है, विटामिन बी 12 (Vitamin B12)। दरअसल, ये शरीर के लिए कुछ अलग पर बेहद जरूरी भूमिका निभाता है। आपको यह जानकर हैरानी हो सकती है कि ये आपके न्यूरल फंक्शन, शरीर की तंत्रिकाओं और यहां तक कि रेड ब्लड सेल्स (RBCs) और डीएनए बनाने में (DNA Production) में भी जरूरी भूमिका निभाता है, जिसकी कमी खराब डीएनए से होने वाले रोगों का कारण भी बन सकती है। आइए, जानते हैं कैसे।
PubMed में प्रकाशित एक शोध की मानें तो, विटामिन बी 12 की कमी DNA को प्रभावित कर सकती है। इसकी कमी से से डीएनए का प्रोडक्शन (DNA Production) और डीएनए संश्लेषण (DNA synthesis) पर प्रभाव पड़ सकता है। इससे जन्म से होने वाले कई न्यूरल डिफेक्ट्स और खराब डीएनए (DNA) से जुड़े रोग हो सकते हैं, जिन्हें अनुवांशिक रोग भी कहते हैं। दरअसल, विटामिन बी12 डीएनए संश्लेषण में मदद करता है। यह लाल रक्त कोशिकाओं और तंत्रिका कोशिकाओं के निर्माण में मदद करता है, जिससे जुड़ी गड़बड़ियां अक्सर लाइलाज बीमारियों का कारण बनती है।
विटामिन बी12 या कोबालिन एक पानी में घुलनशील विटामिन है। जब हम खाना खाते हैं तो विटामिन बी12 भोजन में मौजूद प्रोटीन को बांधकर पेट में चला जाता है। पेट में पहुंचने के बाद हाइड्रोक्लोरिक एसिड और अन्य एंजाइम प्रोटीन से विटामिन को अलग कर देते हैं और यहीं से आंत द्वारा अवशोषित कर लिया जाता है। फिर ये लाल रक्त कोशिकाओं और डीएनए के संश्लेषण और इसे हेल्दी रखने का काम करता रहता है।
जब शरीर में विटामिन बी12 का स्तर (Vitamin B12 deficiency symptoms) कम हो जाता है, तो रोगी बहुत अधिक थक जाता है और हर समय सुस्त रहता है, इन लोगों में आमतौर पर मतली और दस्त भी देखा जाता है। इसके त्वचा पर पीलापन, जीभ का लाल होना, मुंह के छाले, चिड़चिड़ापन और डिप्रेशन जैसी बीमारियां हो सकती है।
तो, विटामिन बी12 की कमी के इन लक्षणों को समय रहते ही पहचान लें और इसकी कमी से बचने की कोशिश करें। इसके लिए विटामिन बी12 से भरपूर फूड्स का सेवन करें।