Viral Fever In Karnataka : कर्नाटक में बढ़े वायरल फ्लू के मामले, राजधानी बेंगलुरु सहित इन 12 जिलों में बच्चों में दिखे गम्भीर लक्षण

कोविड संक्रमण की तीसरी लहर का बच्चों पर अधिक प्रभाव पड़ने की आंशका जतायी गयी है। वहीं, इस आशंका के बीच भारी तादाद में बच्चे वायरल फ्लू से संक्रमित हो रहे हैं। (Viral Fever In Karnataka )

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : September 17, 2021 5:00 PM IST

Viral Fever In Karnataka :  कर्नाटक राज्य में बच्चों में वायरल फीवर के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध जानकारी के अनुसार, राज्य की राजधानी बेंगलुरु सहित 12 जिलों में स्थिति गंभीर है। स्वास्थ्य विभाग बेंगलुरु सहित इन सभी 12 जिलों पर करीब से नज़र रख रहा है। बता दें कि कोविड संक्रमण की तीसरी लहर का बच्चों पर अधिक प्रभाव पड़ने की आंशका जतायी गयी है। वहीं, इस आशंका के बीच भारी तादाद में बच्चे वायरल फ्लू से संक्रमित हो रहे हैं। जिसके चलते राज्य में स्कूल खुलने के बाद स्थिति के सामान्य होने की उम्मीद कर रहे पैरेंट्स को अब वायरल फ्लू का डर सता रहा है। (Viral Fever In Karnataka In Hindi)

बेंगलुरु समेत 12 जिलों में बढ़े वायरल फ्लू के मामले

आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार, बीते  15 दिनों में राज्य में वायरस फ्लू से पीड़ित बच्चों में जो लक्षण (Symptoms of Viral Flu) दिख रहे हैं उनमें ये समस्याएं प्रमुख हैं-

इन लक्षणों के दिखने के बाद  बच्चों को अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है। हालांकि जानकारों का कहना है कि यह बारिश के मौसम में मिलने वाला सामान्य वायरल फ्लू है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों का कहना है कि विकास पर उंगलियां उठ रही हैं। सबसे ज्यादा मामले बेल्लारी, यदगीर, चिक्कबल्लापुर और चित्रदुर्ग जिलों से सामने आए हैं। इसके साथ ही रायचूर, बीदर, रामनगर, बेलगावी, विजयपुरा, कलबुर्गी और बागलकोट जिलों के अस्पतालों में अधिक बच्चों को भर्ती कराया जा रहा है। इन जिलों में निजी क्लीनिकों और बाल चिकित्सा अस्पतालों के लिए कंसल्टेशन सर्विस के लिए भी आनेवालों की संख्या में इज़ाफा हुआ है।

1 से 3 साल के बच्चों में लक्षण अधिक देखे गए

मिली जानकारी के अनुसार, स्थानीय केसी हॉस्पिटल में सभी बेड फुल हैं। सामान्य अस्पताल, बेंगलुरु के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में से एक खांसी, जुकाम, बुखार, सांस लेने में तकलीफ से प्रभावित बच्चों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। निमोनिया और डेंगू के कुछ मामलों का भी इलाज किया जा रहा है। वहीं, केसी में बाल रोग विभाग के प्रमुख डॉ. लक्ष्मीपति बताते हैं, सांस लेने में समस्या का सामना करने वाले सभी बच्चों का आरटी-पीसीआर परीक्षण किया जा रहा है और कोई भी कोविड पॉजिटिव मामला नहीं आया है। स्कूल जाने वाले बच्चों के बजाय 1 और 3 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों में लक्षण पाए गए हैं।

बेल्लारी में जिला स्वास्थ्य अस्पताल का वार्ड भरा हुआ है और ग्रामीण क्षेत्रों के लोग अपने बच्चों के साथ परिसर में रह रहे हैं और अस्पतालों में प्रवेश करने की तलाश कर रहे हैं। बेल्लारी जिला अस्पताल में बच्चों के लिए 30 समर्पित बेड हैं। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ जनार्दन ने बताया कि अस्पताल के अधिकारियों ने बच्चों के इलाज के लिए और 23 बेडों की व्यवस्था की है।

जिला अस्पतालों के साथ-साथ तालुक के अस्पतालों में भी वायरल संक्रमण के लिए बच्चों के दाखिले में भीड़ देखी जा रही है। सभी जिला अस्पताल में रोजाना 150 से 200 बच्चों का वायरल फ्लू का इलाज किया जा रहा है और 50 से 60 बच्चों को भर्ती किया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री के सुधाकर (K Sudhakar) के पैतृक जिले चिक्कबल्लापुर के जिला अस्पताल में सर्दी, खांसी और बुखार के लक्षण वाले करीब 50 बच्चे भर्ती हैं। बीदर, कोलार, बेलगावी, बागलकोट जिलों के जिलों में इन्फ्लूएंजा के मामले बढ़ रहे हैं।

(आईएएनएस)

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