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Written By: Atul Modi | Published : September 8, 2021 10:01 PM IST
Convalescent plasma effective in children as well.
कोरोनावायरस संकट के बीच वायरल फीवर (Viral Fever) की चपेट में यूपी-बिहार समेत देश के अन्य कई राज्य आते दिखाई दे रहे हैं। अकेले उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा बच्चों और वयस्कों की मौत वायरल फीवर से हो चुकी है हालांकि कुछ जगहों पर इसे डेंगू के रूप में भी पहचाना जा रहा है। यूपी के फिरोजाबाद, मेरठ, मथुरा, एटा, मैनपुरी, लखनऊ और नोएडा में भी वायरल फीवर, डेंगू और टाइफाइड जैसे मामले देखने को मिल रहे हैं। जो लोग वायरल फीवर की चपेट में आ रहे हैं जिनमें अधिकांश संख्या बच्चों की है।
यूपी बिहार के अलावा देश के अन्य कई राज्यों में भी वायरल फीवर के मामले सामने आ रहे हैं। कई जगहों पर सर्दी, खांसी, बुखार और सीने में दर्द की शिकायत लेकर लोग अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं इनमें बच्चों की संख्या अधिक देखी जा रही है। देश की राजधानी दिल्ली के अस्पतालों में इस प्रकार के मामले देखे जा सकते हैं। हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक, डॉक्टर नितिन वर्मा (जनरल पीडियाट्रिक्स) का कहना है कि हम वायरल फीवर के बढ़ते मामले के बीच खड़े हैं इस तरह के बहुत सारे मामले सामने आ रहे हैं लगभग 25% ओपीडी मैं ऐसे बच्चे हैं जिनमें खांसी, सर्दी और बुखार जैसे लक्षण हैं।
एम्स के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया समेत तमाम विशेषज्ञ कोरोनावायरस की तीसरी लहर सितंबर-अक्टूबर माह में आने की संभावना जता चुके हैं। ऐसे में जिस प्रकार से देश के विभिन्न राज्यों में वायरल फीवर के मामले बढ़ने के साथ यह संभावना जताई जा रही है कि यह कोरोनावायरस की तीसरी लहर तो नहीं?
इस मुद्दे पर हमने प्रयागराज के फिनिक्स हॉस्पिटल के पीडियाट्रिक सर्जन डॉक्टर धनेश अग्रहरी से बात की। उन्होंने कहा कि मौसम बदलने के साथ वायरल इनफेक्शन बहुत ही सामान्य है, जब तक कि वहां जानलेवा ना हो। अगर इससे जाने जा रही हैं तो यह जांच का विषय हो सकता है। यूपी में जिस जगह पर वायरल फीवर से बच्चों की मौत हुई है वहां जांच टीम भेजी गई थी, सैंपल की जांच रिपोर्ट आने के बाद या फाइनल होगा की बच्चों की मौत डेंगू वायरस, वायरल फीवर से हुई है या कोरोनावायरस की वजह से इस प्रकार की घटनाएं घटित हो रही है।
कोरोनावायरस म्यूटेट हो रहा है, मगर वह कितना घातक है यह जांच के बाद ही पता चल सकता है। ऐसे में जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह तथ्य सामने आएगा कि कोरोनावायरस की थर्ड लहर है या नहीं। मगर हमें सतर्क रहने की जरूरत है।