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कोरोना के प्रति लोगों में खत्म हुआ डर! प्रिकॉशनरी डोज लेने में बहुत कम लोगों ने दिखाई दिलचस्पी

75-Day Free COVID Vaccine Campaign: 75 दिनों के अभियान के शुरुआती कुछ दिनों में प्रतिक्रिया अच्छी रही, लेकिन बाद में यह धीमी हो गई।

Written by Atul Modi |Published : October 3, 2022 5:29 PM IST

कोरोना की वैक्सीन लगवाने के लिए जितनी जागरूकता लोगों ने पहली और दूसरी डोज लगवाने में दिखाई प्रिकॉशन डोज ( Covid-19 Booster Dose) को लेकर लोग उतने ही उदासीन दिखे। आजादी के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आजादी के अमृत महोत्सव के तहत भारत सरकार ने 75 दिनों के लिए मुफ्त Covid-19 टीकाकरण अभियान (75-Day Free COVID Vaccine Campaign) चलाया था, बावजूद इन 75 दिनों में काफी कम लोगों ने प्रिकॉशनरी डोज लिया। 15 जुलाई से 30 सितंबर तक आयोजित इस अभियान के तहत कुल 67,30,089 खुराकें दी गईं, जिनमें से 56,72,890 प्रिकॉशनरी डोज थीं।

दरअसल, देश में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है जिसके तहत 75-दिवसीय कोविड-19 टीकाकरण अभियान जुलाई में शुरू हुआ था, जो सितंबर तक चला। अभियान शुरू होने से पहले, देश में केवल 8 प्रतिशत वयस्कों को टीके की तीसरी खुराक मिली थी। अभियान खत्म होने तक यह संख्या 27 प्रतिशत है। ऐसे में भारत की तीन-चौथाई वयस्क आबादी को तीसरी खुराक मिलना अभी भी बाकी है। रिपोर्ट्स की मानें तो अक्टूबर से बूस्टर डोज लगवाने के लिए शुल्क चुकाना पड़ सकता है। अभियान 30 सितंबर को समाप्त हो गया, लेकिन सूत्रों ने कहा कि सरकारी अस्पताल अगले आदेश तक मुफ्त खुराक देना जारी रखेंगे।

75 दिनों के अभियान के शुरुआती कुछ दिनों में प्रतिक्रिया अच्छी रही, लेकिन बाद में यह धीमी हो गई। इस अवधि के दौरान, बेंगलुरू शहरी (बीबीएमपी सहित) में सबसे अधिक एहतियाती डोज 5,96,048 और उसके बाद मैसूरु में 4,80,276 को उपलब्ध कराई गई। इस अभियान के दौरान कोडागु की सबसे कम एहतियाती डोज 64,064 थी, इसके बाद गडग में 83,572 थी।

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