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Written By: Anshumala | Updated : October 24, 2018 8:10 AM IST
वेंकैया नायडू ने कहा कि हमारी आदतें बदलाव से गुजर रही हैं और हम जल्दी पकने वाले भोजन को अपना रहे हैं। © File photo
जल्दी पकने वाले भोजन (फास्ट फूड) की परंपरा की निंदा करते हुए उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने मंगलवार को पारंपरिक भारतीय भोजन को फिर से अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा, "इंस्टेंट फूड मींस कॉन्सटेंड डिजीज (जल्द पकने वाला भोजन मतलब बीमारी का घर।)।" नायडू ने कहा कि इतनी जनसंख्या को देखते हुए भारत को खाद्य उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर होना चाहिए।
नायडू ने मंगलवार को एक कार्यक्रम के दौरान कहा, "हमारी आदतें बदलाव से गुजर रही हैं और हम जल्दी पकने वाले भोजन को अपना रहे हैं। जल्द पकने वाला भोजन मतलब बीमारी का घर। खाने की आदतों के बारे में हमें अपने लोगों को समझाना होगा।"
उन्होंने कहा, "अपना भारतीय भोजन समय के अनुसार परीक्षण किया हुआ है और इसकी संरचना मौसमों के अनुसार तैयार की गई है। भारत को खाद्य उत्पादन में आत्मनिर्भर होने के बार में सोचने की जरूरत है। हमें अपने देश में पैदा होने वाली खाद्य सुरक्षा के संदर्भ में भी सोचना चाहिए। हम आयातित खाद्य सुरक्षा पर निर्भर नहीं रह सकते।"
फास्ट फूड खाने के नुकसान
बढ़ता है वजन
फास्ट फूड में कैलोरी और शुगर की मात्रा ज्यादा होती है। इसके ज्यादा सेवन से आपका वजन बढ़ने लगता है। पोषक तत्वों की कमी के कारण फास्ट शरीर को नुकसान पहुंचाता है। फास्ट फूड का संयमित सेवन आपकी सेहत को नुकसान नहीं पहुंचाता।
कई बीमारियों के होने का खतरा बढ़ाता है फास्ड फूड का सेवन। © Shutterstock.
दांत होते हैं खराब
फास्ट फूड के अधिक सेवन से दांतों में कैविटी की समस्या बढ़ सकती है। कैविटी दांतों के लिए नुकसानदेह हो सकती है इसलिए इसे नजरअंदाज किए बिना फिलिंग करा लें वरना खाली जगह में नुकीला दांत लड़ने या कोई चीज फंसने से कैंसर का खतरा रहता है। दांत के डॉक्टर्स के अनुसार, सुबह और रात में टूथब्रश न करने से दांतों में खाद्य पदार्थ चिपके रहते हैं। इससे बैक्टीरिया पैदा हो जाते हैं, जो एसिड निकालते हैं। धीरे-धीरे वह जगह खोखली हो जाती है और बगल के दांत नुकीले हो जाते हैं। उनकी रगड़ से कैंसर हो सकता है। फास्ट फूड खाने के बाद दांतों को जरूर ब्रश करें। दंत चिकित्सकों के मुताबिक, दांतों की सुरक्षा के लिए एक मिनट तक ऊपर से नीचे और नीचे से ऊपर की ओर टूथब्रश करें। साथ ही माउथवॉश भी करें।
बढ़ता है कैंसर का खतरा
एक अध्ययन के अनुसार, जरूरत से ज्यादा फास्ट फूड, प्रोसेस्ड फूड, चिकन नगेट्स, पिज्जा और पहले से स्लाइस की हुई ब्रेड का सेवन करने से कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है। ब्राजील और फ्रांस के अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि विकसित देशों में एक औसत व्यक्ति के खाने का 50 फीसदी हिस्सा फास्ट फूड और रेडी टू ईट मील्स होते हैं और इन्हीं से कैंसर का रिस्क बढ़ता है। रिसर्च में पाया गया है कि अल्ट्राप्रोसेस्ड फूड यानी जरूरत से ज्यादा परिष्कृत भोजन के सेवन में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई जिससे ओवरऑल कैंसर का रिस्क 12 प्रतिशत बढ़ गया है। रिसर्च में यह बात भी सामने आई है कि इस तरह के खाने के सेवन से ब्रेस्ट कैंसर का खतरा 11 प्रतिशत बढ़ जाता है। इस रिसर्च के नतीजे ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में पब्लिश हुए हैं।
हृदय रोग
शरीर में कोलेस्ट्राल की मात्रा बढ़ने के लिए फास्टफूड काफी हद तक जिम्मेदार होता है। कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से दिल संबंधी बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है। वहीं दूसरी तरफ वजन बढ़ने से भी हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
डायबिटीज में न करें सेवन
फास्ट फूड के सेवन से टाइप 2 डायबिटीज होने का खतरा काफी ज्यादा रहता है। टाइप 2 डायबिटीज फास्ट फूड और जंक फूड के सेवन, बिगड़ी हुई लाइफस्टाइल, असमय खाने और शारीरिक रूप से कम एक्टिव रहने के कारण होती है।
इनपुट: (आइएएनएस)