कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल से रिप्रोडक्टिव हार्मोन के स्तर पर पड़ता है नकारात्मक असर

एक स्टडी में बताया गया है कि अगर कम मात्रा में भी महिलाएं कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करती हैं तो इससे भी महिलाओं के रिप्रोडक्टिव हार्मोन के स्तर पर असर पड़ता है।

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Written By: Editorial Team | Published : September 21, 2018 12:10 AM IST

महिलाओं को अगर कोई चीज सबसे ज्यादा प्यारी होती है तो वे है कॉस्मेटिक। आधुनिक जीवन में हर कोई सबसे बेस्ट दिखना चाहता है, खूबसूरत दिखने के लिए महिलाएं कई तरह के कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स को इस्तेमाल करती हैं। अगर आप भी कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स का अधिक इस्तेमाल करती हैं तो संभल जाएं। आपको जानकर हैरानी होगी आपके कॉस्मेटिक प्रोडक्ट भी आपको बीमार करने में अहम भूमिका निभाते हैं। इस बात की पुष्टि हाल ही में हुई एक स्टडी में हुई है।

स्टडी की रिपोर्ट में सामने आया है कि कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स में मौजूद केमिकल्स महिलाओं के रिप्रोडक्टिव हार्मोन्स पर बुरा असर डालते हैं। शोधकर्ताओं के मुताबिक, ये पहली ऐसी स्टडी है जिसमें स्वस्थ महिलाओं के हार्मोन्स पर कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल से पड़ने वाले बुरे प्रभावों की जांच की गई है।

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इस स्टडी में बताया गया है कि अगर कम मात्रा में भी महिलाएं कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करती हैं तो इससे भी महिलाओं के रिप्रोडक्टिव हार्मोन के स्तर पर असर पड़ता है।

शोधकर्ताओं का कहना है कि हमें कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते समय उसमें मौजूद केमिकल्स के बारे में जरूर जानकारी रखनी चाहिए। रिपोर्ट की माने तो पैराबेन केमिकल महिलाओं में एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर बढ़ा देता है।

स्टडी की रिपोर्ट में ये भी बताया गया है कि स्किन पर जितना बुरा प्रभाव प्रदूषण से होता है उतना ही खराब असर कॉस्मेटिक में मौजूद केमिकल्स से भी होता है। इसके अलावा कुछ केमिकल्स ऐसे भी होते हैं, जिनसे रिप्रोडक्टिव हार्मोन्स कम होते हैं तो वहीं कुछ से बढ़ते हैं।

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