hamburger icon
A
Read in English

कोरोना से बचाएगा उत्तर प्रदेश का यह स्पेशल चावल, इम्यूनिटी भी करता है मजबूत, जानिए अन्य फायदे

जब तक कोरोना की कोई वैक्सीन नहीं आ जाती, तब तक कोरोना से बचाव के लिए इम्यूनिटी को मजबूत बनाने की बात बार-बार एक्सपर्ट्स कर रहे हैं। ऐसे में जितना हो सके आप इम्यूनिटी बूस्टर फूड्स को अपनी डायट में शामिल करें। हाल ही में एक रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें कहा गया है कि कालानमक चावल (Kalanamak rice) इम्यूनिटी बूस्ट करने के लिए बेहद ही महत्वपूर्ण खाद्य पदार्थ है। जानिए, कालानमक चावल के फायदे...

WrittenBy

Written By: Anshumala | Updated : July 11, 2020 1:25 PM IST

Kalanamak Rice Benefits: कोरोनावायरस से बचाव (Corona prevention) के लिए दुनियाभर के वैज्ञानिक कोरोना वैक्सीन (Corona vaccine) बनाने में जुटे हुए हैं। जब तक कोरोना की कोई वैक्सीन नहीं आ जाती, तब तक कोरोना से बचाव करने के लिए इम्यूनिटी को मजबूत बनाने की बात बार-बार एक्सपर्ट्स कर रहे हैं। ऐसे में जितना हो सके आप इम्यूनिटी बूस्टर फूड्स को अपनी डायट में शामिल करें। हाल ही में एक रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें कहा गया है कि कालानमक चावल (Kalanamak rice) इम्यूनिटी बूस्ट करने के लिए महत्वपूर्ण फूड है।

यह आपको कोरोना से संक्रमित होने से भी बचाए रख सकता है। इस बाद की पुष्टि हैदराबाद स्थित नेशनल रिसर्च सेंटर द्वारा भी की जा चुकी है। रिपोर्ट के अनुसार, कालानमक चावल में मौजूद तत्व इम्यूनिटी को तेजी से मजबूत (Immunity booster foods) बनाने में मदद कर सकते हैं। शरीर की इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए उन खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए, जिनमें आयरन, जिंक, प्रोटीन, विटामिन भरपूर मात्रा में हों। जांच में यह बात सामने आई है कि कालानमक चावल (Kalanamak rice) में ये सभी तत्व मौजूद होते हैं।

कहां होती है कालानमक की खेती

कालानमक चावल भारत के सबसे खुशबूदार चावलों (cented rices of India) में एक है। यह भारत पूर्वी उत्तर प्रदेश के हिमालयन तराई में काफी लोकप्रिय है। सिद्धार्थ नगर, संत कबीर नगर, बस्ती, गोंडा, गोरखपुर आदि में इसकी खेती अधिक की जाती है। कालानमक धान की खेती शोहरतगढ़, नौगढ़ तहसील के कुछ इलाकों में भी किसान करते हैं। इन इलाकों में पैदा होने वाले धान काफी हेल्दी और सुगंधित होते हैं। इसे उत्तर प्रदेश का सेंटेड ब्लैक पर्ल (cented black pearl of Uttar Pradesh) भी कहा जाता है।

कालानमक चावल के फायदे (Kalanamak rice benefits in hindi)

1 कालानमक चावल (kalanamak rice benefits) को आयरन और जिंक की कमी से होने वाली बीमारियों से बचाने के लिए भी जाना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि कालानमक चावल के नियमित सेवन से अल्जाइमर की बीमारी से बचाव होता है। यह चावल में मौजूद सूक्ष्म पोषक तत्व कुपोषण से लड़ने के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।

2 रिपोर्ट के अनुसार, सौ ग्राम कालानमक चावल में लगभग 10.04 ग्राम प्रोटीन, 68.13 ग्राम कार्बोहाइड्रेट और 4.96 ग्राम फाइबर मौजूद होते हैं। ये सभी तत्व शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बूस्ट करने में सहायक होते हैं। भोजन में मौजूद पाचन शक्ति को बढ़ाते हैं। इससे आप पेट से संबंधित बीमारियों से बचे रहते हैं। यह शरीर में कोलेस्ट्रॉल लेवल को बनाए रखता है।

Rice Myths : क्या चावल खाने से बढ़ता है मोटापा ? जानिए चावल से जुड़े ये 8 मिथक

3 ब्लड शुगर लेवल को मेंटेन रखने में भी कालानमक चावल का सेवन बहुत फायदेमंद (kalanamak chawal ke fayde) होता है। प्रोटीन से मासपेशियों को मजबूती मिलती है। दिल और फेफड़ों के साथ ऊतकों को भी स्वस्थ रखता है। शरीर से मौजूद टॉक्सिन को बाहर निकालता है।

4 इसमें कार्बोहाइड्रेट भी अधिक होता है, जो शरीर को आवश्यक ऊर्जा प्रदान करता है। आयरन और जिंक शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं।

5 इसमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) की मात्रा भी कम होती है। ऐसे में इस चावल को डायबिटीज रोगी खा सकते हैं। यदि आप कोरोनावायरस के संक्रमण से खुद को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए कालानमक चावल का सेवन (kalanamak rice boost immunity in hindi) करना शुरू कर दीजिए।

दही के साथ चावल खाने के ये 8 फायदे जानते हैं आप ?