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इन लोगों को है मंकीपॉक्स का 14 गुना ज्यादा खतरा! सीडीसी ने बताया क्यों जरूरी है वैक्सीनेशन

इन लोगों को है मंकीपॉक्स का 14 गुना ज्यादा खतरा! सीडीसी ने बताया क्योंकि जरूरी है वैक्सीनेशन

वैक्सीन पर डेटा से ये मालूम हुआ कि शुरुआत में टीका स्मॉलपॉक्स से लड़ने के लिए बनाया गया था, जिसका इस मौजूदा वक्त में इस्तेमाल बहुत ही सीमित है।

Written by Jitendra Gupta |Updated : September 29, 2022 6:40 PM IST

सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने एक डेटा जारी किया है, जिसमें ये पाया गया है कि वैक्सीनेटेड लोगों के मुकाबले, जिन लोगों ने वैक्सीन नहीं लगवाई है उन्हें मंकीपॉक्स से संक्रमित होने का खतरा 14 गुना ज्यादा होता है। ये डेटा कुछ राज्यों में मंकीपॉक्स वैक्सीन के लिए योग्य लोगों से प्राप्त किया गया है, जिसमें सबसे ज्यादा वे पुरुष शामिल हैं जो पुरुषों के साथ संबंध बनाते हैं या फिर एक से ज्यादा लोगों के साथ संबंध बनाते हैं। डेटा से प्राप्त आंकड़े JYNNEOS वैक्सीन पर असल प्रभाव का पहला दृष्टिकोण प्रदान करते हैं।

JYNNEOS वैक्सीन, मंकीपॉक्स के खिलाफ दी जाने वाली प्रमुख वैक्सीन है।

नई आशा प्रदान करता है डेटा

सीडीसी की निदेशक रिशेल वैलेंस्की ने मंकीपॉक्स पर हाउस ब्रीफिंग में कहा कि ये नया डेटा आशा की किरण प्रदान करता है कि वैक्सीन उम्मीदों के मुताबिक काम कर रही है। व्हाइट हाउस के ही मंकीपॉक्स डेप्यूटी रिस्पॉन्स कोर्डिनेटर डॉ. दिमित्री डस्कलैस्किस ने लोगों से अच्छी खबर शेयर करने का आग्रह किया है।

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उन्होंने कहा कि ये ज्ञान ही शक्ति है और ये लोगों को उनके स्वास्थ्य के प्रति अधिक फैसले लेने में मदद करता है और ये विश्वास जगाता है कि वैक्सीन की दोनों डोज कितनी जरूरी है।

वैक्सीन बहुत सीमित

वैक्सीन पर डेटा से ये मालूम हुआ कि शुरुआत में टीका स्मॉलपॉक्स से लड़ने के लिए बनाया गया था, जिसका इस मौजूदा वक्त में इस्तेमाल बहुत ही सीमित है।

फूड एंड ड्रग एडिमन्स्ट्रेशन, सीडीसी और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ ने वैक्सीन से मिलने वाली सुरक्षा और मई में महामारी के फैलने के बाद इसकी प्रभाविकता पर कई अध्ययन शुरू किए हैं। इस नए डेटा को आशावादी बताते हुए वैलेंस्की ने जोर देकर कहा कि ये सिर्फ शुरुआत है। हालांकि अभी भी वैक्सीन से मिलने वाली सुरक्षा की पूर्ण गारंटी सवालों के घेरे में है।

अभी पूरा डेटा रिलीज नहीं

उदाहरण के लिए वैक्सीन की नई दक्षता दर पहली वैक्सीन के दो हफ्ते बाद तक जुटाए डेटा पर आधारित है। इस डेटा में 28 दिन बाद दूसरी डोज यानी की पूर्ण सुरक्षा के बाद का डेटा नहीं मिलाया गया है। हालांकि सीडीसी पूर्ण वैक्सीनेशन के बाद की दक्षता पर डेटा अभी रिलीज नहीं कर रहा है।

दो हफ्ते तक मिलती है प्रोटेक्शन

वैलेंस्की का कहना है कि ये शुरुआती निष्कर्ष हैं और दूसरे देशों द्वारा किए गए अध्ययनों से प्राप्त निष्कर्षों पर आधारित है। अध्ययन में ये बताया गया है कि मंकीपॉक्स वैक्सीन की एक डोज कम से कम संक्रमण के खिलाफ थोड़ी बहुत सुरक्षा जरूर दे सकती है। उन्होंने कहा कि हमें लैब स्टडी से ये पता चला कि वैक्सीन की दूसरी डोजके दो हफ्ते बाद तक इम्यून प्रोटेक्शन मिलती है।

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