
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : September 13, 2020 7:04 AM IST
ज़रूरतमंद देशों को दवा और टीके उपलब्ध कराने की अपील
Coronavirus Pandemic: कोरोना वायरस महामारी का प्रकोप अभी तक दुनियाभर में लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। वैश्विक स्तर पर कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 2.83 करोड़ से अधिक हो गयी है। जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के मुताबिक, कोविड-19 संक्रमण की वजह से होने वाली मौतों की संख्या बढ़कर 913,000 हो गई हैं। यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर सिस्टम साइंस एंड इंजीनियरिंग (सीएसएसई) ने अपने नयी अपडेट में खुलासा किया कि शनिवार (12 सितंबर) की सुबह तक कुल मामलों की संख्या 28,331,121 हो चुकी है और इससे होने वाली मौतों की संख्या बढ़कर 913,015 हो गई थी। सीएसएसई के अनुसार, अमेरिका कोविड-19 के 6,443,048 मामलों के साथ दुनिया में सबसे अधिक प्रभावित देशों की सूची में शीर्ष पर है। वहीं , भारत 4,562,414 मामलों के साथ वर्तमान में दूसरे स्थान पर है, जबकि देश में संक्रमण से 76,271 मौतें हो चुकी हैं। (Coronavirus in India)
कोरोना वायरस महामारी की गम्भीरता को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 11 सितंबर को संकल्प पारित किया और सदस्य देशों से कोविड-19 महामारी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और आपसी मदद मजबूत करने का आग्रह किया। संकल्प के अनुसार, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग का विकास, बहुपक्षवाद का पालन, एकजुटता और आपसी मदद दुनिया में महामारी आदि विश्व संकटों का विरोध करने के लिये एकमात्र रास्ता है। उन्होंने अपील की कि सभी देशों को मानव-उन्मुख, लैंगिक समानता और मानवाधिकारों का सम्मान करने वाले कदम उठाने चाहिये।
संयुक्त राष्ट्र द्वारा लिए गए इस संकल्प के अनुसार संयुक्त राष्ट्र महासचिव द्वारा प्रस्तावित विश्व युद्धविराम समझौते का समर्थन करता है, साथ ही सशस्त्र संघर्ष क्षेत्रों में महामारी के प्रभाव पर ध्यान देता है और संयुक्त राष्ट्र की शांति रक्षा कार्रवाई का आगे समर्थन करता है। इस संकल्प के अनुसार, सभी सदस्य देशों, राजनीतिक नेताओं और धार्मिक नेताओं को सहनशीलता और एकजुटता को बढ़ाना चाहिये। साथ ही उन्हें जातिवाद, द्वेषपूर्ण भाषण, हिंसा और भेदभाव का विरोध करना चाहिये।
संकल्प के मुताबिक, सभी सदस्य देशों को स्वास्थ्य प्रणाली और सामाजिक देखभाल प्रणाली को मजबूत करना चाहिये। इसके साथ-साथ उन्हें सभी देशों के उच्च गुणवत्ता, सुरक्षित, प्रभावी और सस्ती नैदानिक उपकरण, उपचार के तरीके, दवाएं और टीके प्राप्त करने के लिये प्रयास करना चाहिये। उन्हें सभी हितधारकों के साथ सहयोग करके संबंधित टीकों और दवाओं की अनुसंधान एवं विकास पूंजी में वृद्धि करनी चाहिये। इसके अलावा उन्हें डिजिटल तकनीक के जरिये महामारी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिक सहयोग को मजबूत करना चाहिये।
इस संकल्प के अनुसार, महामारी के प्रत्यक्ष आर्थिक और सामाजिक प्रभाव का सामना करने के लिये महासभा ने सभी सदस्य देशों और अन्य हितधारकों को समन्वित कार्रवाई बढ़ाने का आग्रह किया। साथ ही उन्हें उपयोगी रणनीति बनाने से 2030 तक सतत विकास एजेंडा को पूरी तरह से लागू करने को बढ़ाना चाहिये।