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Written By: Anshumala | Updated : September 21, 2020 1:30 PM IST
हर्ष वर्धन ने कहा, कोविड-19 मामलों में बढ़ोत्तरी का कारण लोगों का 'गैर जिम्मेदाराना रवैया', बताए कोरोना से बचने के उपाय।
Corona spread in india: देश में कोरोनावायरस के प्रसार (coronavirus spread) से स्थिति बेहद खराब होती जा रही है। देश में पिछले 24 घंटे में कोरोनावायरस के 86,961 नए मामले सामने आए हैं और लगभग 1,130 लोगों की मौत हो चुकी है। भारत में अब कोरोना के मामलों (Covid-19 cases in india) का आंकड़ा 55 लाख के करीब पहुंच गया। वहीं अब तक 87,882 लोग इस बीमारी से अपनी जान गंवा चुके हैं। वर्तमान में देश में 10,03,299 सक्रिय मामले हैं और कुल 43,96,399 लोग ठीक हो चुके हैं। हालांकि, जिस गति से प्रत्येक दिन कोरोना लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है, वह चिंता बढ़ाने वाली बात है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्ष वर्धन (Union Health Minister Harsh Vardhan) ने देश में कोविड-19 के बढ़ते मामलों का मुख्य कारण लोगों के 'गैर जिम्मेदाराना रवैए' को (corona spread in india in hindi) ठहराया है।
उन्होंने संसद में कोविड-19 पर एक विशेष चर्चा में कहा कि कोरोना माहामारी के खिलाफ जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है। लोग बिल्कुल ये सोच बैठे हैं जैसे सारी समस्या टल गई है। इस तरह के व्यवहार के कारण महामारी तेजी से फैल रही है। अधिकतर लोगों ने अनलॉक की प्रक्रियाओं को गलत समझ बैठे हैं। लोगों को लगने लगा है कि जैसे सब कुछ ठीक हो गया है। लोग तनाव-मुक्त हो गए हैं। उन्हें याद रखना चाहिए कि कोविड को लेकर एहतियात महत्वपूर्ण है।
हाथों को चेहरे से दूर रखना चाहिए। मास्क अवश्य पहनना चाहिए और साथ ही शारीरिक दूरी का पालन करना चाहिए। मंत्री ने सांसदों से अपील की कि वे कोविड-19 से संबंधित उचित व्यवहार के बारे में जन जागरूकता फैलाएं और इससे जुड़ा अभियान शुरू करें। इसे अपने संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में लागू करें। हर्ष वर्धन ने कहा, यदि हम अपने व्यवहार में लिप्त शिथिलता को समाप्त कर देंगे, तो कोविड के खिलाफ लड़ाई जल्द जीती जा सकती है। हमें कोविड ट्रांसमिशन (Covid-19 transmission chain) की चेन को तोड़ना होगा।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह संक्रमण हवा से नहीं फैलती है। इसका चक्र मनुष्यों के माध्यम से होता है। जब तक कोविड-19 वैक्सीन (Covid-19 vaccine in hindi) बाजार में नहीं आ जाता, तब तक मानव व्यवहार को नियंत्रित करने की आवश्यकता है। हर्षवर्धन ने पांच स्वतंत्र अध्ययनों का हवाला देते हुए कहा कि कोविड-19, जिससे अब तक देश भर में 54,00,620 लोग संक्रमित हो चुके हैं, उसका मुकाबला करने में राष्ट्रीय लॉकडाउन सहायक था। जब परिस्थिति गंभीर थी, तब लॉकडाउन ने ऐसे मामलों और मौतों को रोका।
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