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Written By: Pallavi Kumari | Published : April 10, 2022 1:27 PM IST
आयुष मंत्रालय के तहत आने वाले स्वायत्त संस्थान केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद (सीसीआरएच) की ओर से ‘विश्व होम्योपैथी दिवस’ पर शनिवार को दिल्ली स्थित भारत रत्न सी. सुब्रमण्यम सभागार में "होम्योपैथी-पीपुल्स चॉइस फॉर वेलनेस" विषय पर दो दिवसीय वैज्ञानिक सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसका उद्धाटन केंद्रीय कैबिनेट आयुष मंत्री सर्बानंद सोणोवाल ने दीप जलाकर किया। इस दौरान केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री डॉ. महेंद्रभाई मुंजपरा, आयुष सचिव राजेश कोटेचा, केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. सुभाष कौशिक भी मौजूद रहे। मालूम हो कि विश्व होम्योपैथी दिवस होम्योपैथी के संस्थापक डॉ. सैमुअल हैनिमैन की जयंती पर मनाया जाता है। सम्मेलन राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग (एनसीएच) और राष्ट्रीय होम्योपैथी संस्थान (एनआईएच) कोलकाता की ओर से आयोजित किया जा रहा है।
उद्घाटन समारोह में केंद्रीय आयुष मंत्री सर्बानंद सोणोवाल ने कहा कि आयुष की शिक्षा, अभ्यास और दवा विकास क्षेत्रों में परिवर्तनकारी बदलाव चल रहा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में गठित भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग और राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग ने नई शिक्षा नीति के अनुसार आयुष शिक्षा को संरेखित किया है और नई प्रतिभाओं को इस हद तक आकर्षित कर रहे हैं कि आयुष पहली पसंद बन गया है। चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों के लिए यह पहली पसंद भी बन सकता है। उन्होंने कहा कि होम्योपैथी दवाएं बड़ी संख्या में लोगों द्वारा आसानी से प्रशासित और स्वीकार्य हैं। होम्योपैथी की सार्वजनिक स्वीकृति लगातार बढ़ रही है और लोग पीढ़ियों से पारिवारिक चिकित्सकों से इलाज की मांग करते हैं।
केंद्रीय आयुष मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आयुष को आगे बढ़ाने के लिए वर्ष 2014 से जो मजबूत कदम उठाए हैं, उसी का नतीजा है कि आज उनके मार्गदर्शन और प्रयासों के कारण आयुष देश विदेश में लोकप्रिय हो रहा है। केंद्रीय कैबिनेट आयुष मंत्री ने कहा कि आज हमारे सामने कई चुनौतियां हैं जिसका सकारात्मक दृष्टिकोण से सामना करना होगा। डब्ल्यूएचओ ने विश्व का पहला ट्रेडिशनल ग्लोबल मेडिसिन सेंटर गुजरात के जामनगर में स्थापित करने का निर्णय लिया है जो हमारे लिए बड़ी उपलब्धि है और यह एक अवसर है जिसका लाभ हमें उठाना होगा। हमें अपनी शक्ति-संपदा-संभावना जो है उसको उजागर करना होगा और दुनियाभर के मानव समाज के सामने ये प्रतिज्ञा करनी होगी कि हम सर्वश्रेष्ठ हैं। उन्होंने कहा कि भारत को सर्वश्रेष्ठ राष्ट्र के रूप में स्थापित करने के लिए हम सबको निष्ठापूर्वक परिश्रम करना होगा, तब जाकर हम ये साबित करने में सफलता प्राप्त कर पाएंगे। प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने के लिए हर भारतीय को अपनी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए मेहनत करनी होगी।डब्ल्यूएचओ- जीसीटीएम से विश्व के मानव समाज को ये संदेश मिला है कि हमें प्रकृति का सम्मान करना ही होगा। इसको सुरक्षित रखना होगा। आयुष प्रणाली प्रकृति के ऊपर निर्भर हैं। हम प्रकृति की सदियों से पूजा करते आ रहे हैं क्योंकि इसी से हम हैं। इन बातों को आज के आधुनिक समय में हमें नई पीढ़ी को भी बताना है।
केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री डॉ. महेंद्रभाई मुंजपारा ने कहा कि होम्योपैथी विभिन्न बीमारियों के इलाज में बहुत प्रभावी है और कम लागत पर सुरक्षित तरीकों से व्यक्तिगत स्वास्थ्य में सुधार करती है। यह सम्मेलन अब तक के पथ, होम्योपैथी के क्षेत्र में उपलब्धियों की समीक्षा करने और होम्योपैथी के विकास के लिए भविष्य की रणनीति तैयार करने का एक अवसर है। होम्योपैथी के प्रमुख हितधारकों के बीच एक संवाद शुरू करने की तत्काल आवश्यकता है जो नैदानिक अनुसंधान सूचना विज्ञान में बहुत आवश्यक अभ्यास मानकों, नैदानिक अनुसंधान में डेटा मानकों, नीतिगत मुद्दों, शैक्षिक मानकों और निर्देशात्मक संसाधनों को संबोधित करेगा। यह प्रौद्योगिकी में तेजी से नवाचारों के संदर्भ में वैश्विक स्वास्थ्य देखभाल वितरण में बदलते प्रतिमान के एक भाग के रूप में नैदानिक देखभाल वितरण और अनुसंधान को विलय करके प्राप्त किया जा सकता है। एकीकृत देखभाल में होम्योपैथी के प्रभावी और कुशल समावेश की दिशा में रणनीतिक कार्यों की पहचान करने और प्रस्तावित करने की आवश्यकता अनिवार्य है।
केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. सुभाष कौशिक ने बताया कि वैज्ञानिक सम्मेलन के विभिन्न सत्र में होम्योपैथिक उपचार की उपलब्धता, पहुंच और गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए होम्योपैथिक शिक्षकों, शोधकर्ताओं, चिकित्सकों व छात्रों की क्षमता संग कौशल निर्माण पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यक्रम में लोकसभा सांसद मनोज राजोरिया, राजेश कोटेचा, आयुष विशेष सचिव प्रमोद कुमार पाठक, आयुष संयुक्त सचिव डी. सेंथिल पांडियन के साथ होम्योपैथी से जुड़े अन्य कई गणमान्य उपस्थित रहे।