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Teenagers Mental Well Being- मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्याएं इन दिनों पहले की तुलना में कहीं अधिक कॉमन हो चली हैं। विशेषकर कोविड-19 आने के बाद बड़ों के साथ-साथ युवाओं, टीनएजर्स और बच्चों में भी मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्याओं (Mental health problems post covid-19) में तेजी से इजाफा देखा गया है। बीते कुछ वर्षों में भारत में भी लोगों के मानसिक स्वास्थ्य में गिरावट से जुड़े कई डरावने आंकड़ें सामने आते रहे हैं। ऐसे में लोगों की मेंटल हेल्थ को ध्यान में रखते हुए भारत के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ( MOHFW) और नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंसेस (NIMHANS) ने बच्चों के लिए काम करने वाली अंतर्राष्ट्रीय संस्था यूनिसेफ (UNICEF) के साथ मिलकर एक कैम्पेन की शुरूआत की है। इस कैम्पेन के तहत ''आई सपोर्ट माय फ्रेंड्स'' (I support my friends) नाम के मॉड्यूल को लॉन्च किया गया।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम ( Rashtriya Kishore Swasthya Karyakram) की नेशनल मीटिंग (National Consultation Meeting) में इस मॉड्यूल को लॉन्च किया गया। बता दें कि, टीनएज बच्चों को विशेष तौर पर ध्यान रखते हुए''आई सपोर्ट माय फ्रेंड्स'' (I support my friend) मॉड्यूल को तैयार किया गया है। इस मौके पर देश में टीनएजर्स और युवाओं की मेंटल हेल्थसे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों के साथ एक फैक्टशीट भी जारी की गयी।
यह एक विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम है जिसकी थीम है "देखो, सुनो, जोड़ो", जिसका लक्ष्य है टीनेजर्स की इमोशनल प्रॉब्लम को पहचानने, उन्हें समझने और उनकी मदद करने के लिए लोगों को जागरूक करना। जैसा कि, टीनएज में बच्चों के मन में कई तरह की भावनाएं बढ़ती हैं। ऐसे में इन इमोशन्स को अगर ठीक तरह से हैंडल ना किया जाए तो बच्चों में एंग्जायटी, डर, ओवरथिंकिंग और डिप्रेशन जैसी मानसिक परेशानियां बढ़ सकती हैं। इन सबको ध्यान में रखते हुए ‘आई सपोर्ट माई फ्रेंड’ कार्यक्रम में टीनएजर्स को एक-दूसरे की भावनाओं के बारे में बात करने और एक-दूसरे को मेंटली स्ट्रॉन्ग बनने में मदद करने के लिहाज से एक सुरक्षित मंच तैयार किया गया है।
I support my friends कार्यक्रम के तहत वॉलिंटियर्स और टीनएजर्स को विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है। जिसमें अपने आसपास के लोगों और दोस्तों में मेंटल हेल्थ से जुड़ी परेशानियों के लक्षण पहचानने, उनकी स्थिति को समझने और बेझिझक उन्हें खुलकर अपनी समस्या पर बात करने के लिए विश्वास जीतने से जुड़ी महत्वपूर्ण ट्रेनिंग दी जा रही है। बता दें कि अधिकांश लोग अपनी मेंटल हेल्थ से जुड़ी बातें किसी और से शेयर नहीं करते क्योंकि, उन्हें अपने बारे में किसी भी प्रकार के जजमेंट से डर लगता है। लेकिन, इससे मानसिक समस्याएं और उनसे जुड़ा डर लगातार बढ़ता जाता है। ऐसे में इस कार्यक्रम के तहत टीनएजर बच्चों को इसी झिझक से बाहर निकालने और खुलकर अपनी समस्या पर बोलने से जुड़ी ट्रेनिंग दी जा रही है। इस ट्रेनिंग का मकसद बच्चों को मेंटली स्ट्रॉन्ग बनाने और अपना ध्यान रखने के लिए मोटिवेट करना है।
संतुलित और पौष्टिक डाइट, बाहर खुले मैदान में खेलने, कम से कम स्क्रीन टाइम और जंक फूड का सेवन कम करने से टीनएज में बच्चों को मेंटली हेल्दी रखने में मदद हो सकती है।
जी हां, बच्चों को भी डिप्रेशन और स्ट्रेस जैसी मानसिक समस्याएं हो सकती हैं। कई स्टडीज और रिसर्च में बच्चों में मेंटल हेल्थ से जुड़ी कई गम्भीर समस्याएं देखी गयी हैं।