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कोरोना वायरस ने दुनियाभर में हर उम्र के लोगों को प्रभावित किया है। चाहे वो बुजुर्ग हो या बड़े या फिर बच्चे। अगर बात सिर्फ बच्चों की करें तो संयुक्त राष्ट्र (United Nations) का कहना है कि दुनिया भर में लगभग 25 मिलियन बच्चे डिप्थीरिया जैसी सामान्य बीमारियों के खिलाफ नियमित टीकाकरण से चूक गए हैं। शुक्रवार को प्रकाशित एक नई रिपोर्ट में, विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनिसेफ ने कहा कि उनके आंकड़े बताते हैं कि पिछले साल 25 मिलियन बच्चे डिप्थीरिया, टेटनस और पर्टुसिस के खिलाफ टीकाकरण से बचे रह गए। इसने बचपन के टीकाकरण कवरेज के ग्राफ को बिगाड़ दिया है।
यूनिसेफ के कार्यकारी निदेशक कैथरीन रसेल ने कहा, "यह बच्चों के स्वास्थ्य के लिए एक रेड अलर्ट है।" उन्होंने कहा, "हम एक पीढ़ी में बचपन के टीकाकरण में सबसे बड़ी निरंतर गिरावट देख रहे हैं।" ध्यान देने वाली बात ये है कि ये गिरावट लगातार बढ़ती जा रही है। आंकड़ों से पता चलता है कि टीकाकरण में असफल रहने वाले अधिकांश बच्चे विकासशील देशों जैसे इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, नाइजीरिया और फिलीपींस में रह रहे थे। जबकि विश्व के हर क्षेत्र में वैक्सीन कवरेज गिर गया, सबसे खराब प्रभाव पूर्वी एशिया और प्रशांत क्षेत्र में देखा गया।
संयुक्त राष्ट्र ने कहा, इस तरह टीकाकरण से बचे रहने के कारण बच्चों के अस्तित्व के लिए संकट की स्थिति पैदा करने का खतरा है। ऐसे में ब्रिटेन के ग्रेट ऑरमंड स्ट्रीट हॉस्पिटल फॉर चिल्ड्रन के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. डेविड एलिमन ने कहा कि बच्चों में टीकाकरण को तेजी से बढ़ाना अब जरूरी हो गया है नहीं तो ये आगे चल कर संकट की स्थिति पैदा कर सकती है। ।
वैज्ञानिकों ने कहा कि कम वैक्सीन कवरेज दरों के कारण बच्चों में खसराऔर पोलियो जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। ध्यान देने वाली बात ये है कि मार्च 2020 में, WHO ने कोविड-19 महामारी के बीच देशों से अपने पोलियो उन्मूलन प्रयासों को स्थगित करने के लिए कहा। तब से 30 से अधिक देशों में दर्जनों पोलियो महामारी हो चुकी है। चिंता की बात ये है कि दुनिया के एक हिस्से में जो कुछ भी होता है उसका प्रभाव पूरी दुनिया को प्रभावित कर सकता है।
हालांकि, यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन में बच्चों के स्वास्थ्य के प्रोफेसर हेलेन बेडफोर्ड ने कहा, "यह विशेष रूप से दुखद है क्योंकि विश्व स्तर पर टीकाकरण दर में सुधार हुआ है खास कर कि कोविड महामारी के दो सालों में। वो अलग बात है कि संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट से जुड़ा नहीं था।" तो, हम पूरी तरह से इस बात से सहमति नहीं जता सकते।