कोरोना वायरस को खत्म कर सकता है ये अनोखा रैकेट, जानें क्या है इसकी खासियत

भारत के अनुसंधानकर्ताओं ने एक पराबैंगनी प्रकाश (Ultraviolet) से युक्त रैकेट तैयार किया है। इस रैकेट की मदद से सतहों पर मौजूद वायरस (Coronavirus) को नष्ट किया जा सकता है। इसे लवली प्रोफेसर युनिवर्सिटी के दो छात्रों द्वारा तैयार किया गया है। चलिए जानते हैं, इसकी खासियत-

WrittenBy

Written By: Kishori Mishra | Updated : April 18, 2020 6:05 PM IST

कोरोना वायरस (Coronavirus) का प्रकोप धीरे-धीरे बढ़ता ही जा रहा है। दुनियाभर के वैज्ञानिक इस भयावह वायरस से निपटने के लिए कई प्रयास कर रहे हैं। इसी बीच भारत के अनुसंधानकर्ताओं ने एक पराबैंगनी प्रकाश (Ultraviolet) से युक्त रैकेट तैयार किया है। इस रैकेट की मदद से सतहों पर मौजूद वायरस (Coronavirus) को खत्म किया जा सकता है।

पराबैंगनी रैकेट के इस्तेमाल से ई-वाणिज्य पैकेटों और नोटों जैसी हर एक वस्तुओं पर संक्रमण को नष्ट किया जा सकता है। इस रैकेट की सबसे अच्छी बात ये है कि इसे आप कहीं भी ले जा सकते हैं। शोधकर्ताओं के मुताबिक, इस रैकेट की मदद से कोविड-19 महामारी से लड़ा जा सकता है।

स्पेन में इस दवाई पर हो रहा प्रयोग, कोरोना वायरस को रोकने के लिए है कारगर

रैकेट को विकसित करने वाले अनुसंधानकर्ताओं का इस बारे में कहा, "80 सेंटीमीटर लंबे इस रैकेट में एक तरफ स्थापित अंडाकार सिरे में यूवीसी ट्यूब-200 से 280 नैनोमीटर के बीच तरंगदैर्ध्य युक्त पराबैंगनी प्रकाश होता है।" उन्होंने कहा कि इस रैकेट का दूसरा हिस्सा धातु से बनी चादर से ढका हुआ है, ताकि इसका इस्तेमाल करने पर कोई भी व्यक्ति इसकी चपेट में ना आए।

पीटीआई-भाषा से बातचीत में पंजाब स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के सहायक प्रोफेसर मनदीप सिंह ने कहा, "वर्तमान महामारी के दौर में हमें अपनी सुरक्षा के बारे में अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है और हमें उस हर चीज को संक्रमणमुक्त करना चाहिए जिसे हम बाहर से अपने घर ले जाते हैं।"

A ब्लड ग्रुप वाले हो जाएं सावधान, इन्हें होता है कोरोना वायरस का सबसे अधिक खतरा!

उन्होंने कहा, "हमारा यूवी रैकेट इसे प्राप्त करने का पूर्ण समाधान है। चाहे यह बैग हो, बाहर से आईं खाने-पीने की चीजें हों या ई वाणिज्य पैकेट हों, इनके ऊपर रैकेट को कुछ समय के लिए लहराना चाहिए, ताकि ये संक्रमणमुक्त हो जाएं।"

कैसे कर सकते हैं इस्तेमाल

इस रैकेट को इस्तेमाल करने के लिए आपको जिस सतह से संक्रमण हटाना है, वहां से चार-पांच इंच की दूरी से करीब एक मिनट तक लहराना होगा। अगर कोई भी संक्रमण सतह पर मौजूद नहीं होता है, तो यह रैकेट अपने आप बंद हो जाता है, ताकि इससे किसी तरह का नुकसान ना हो।

कुत्तों से इंसानों तक पहुंचा कोरोना वायरस! जानें क्या कहते हैं वैज्ञानिक

इस यूनिवर्सिटी के एक छात्र ने कहा कि इस रैकेट में टाइमर लगा हुआ है, जो एक मिनट के बाद बीप करने लगता है। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के दो छात्रों द्वारा इस रैकेट को विकसित किया गया है। इसे बाज़ार में उतारने के लिए औद्योगिक साझेदारों की तलाश की जा रही है। इसके बाद यह रैकेट आपको करीब एक हजार रुपए में आसानी से मिल सकता है।

गर्मियों में भी नहीं थमेगा कोरोना का प्रकोप, 60 डिग्री तामपान में भी फैल सकता है वायरस

गठिया की दवा क्या कोरोना वायरस के इलाज में आ सकेगी काम? वैज्ञानिक कर रहे हैं रिसर्च

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source