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जहां एक तरफ कोरोना वायरस का प्रकोप फिर से बढ़ता हुआ दिखने लगा है, दुनियाभर के स्वास्थ्य विभाग और इंस्टीट्यूट भी इससे निपटने में लगे हुए हैं। कोविड 19 के बढ़ते खतरे को नोट करते हुए ब्रिटेन के ड्रग रेगुलर ने मॉडर्ना की अपडेटेड वैक्सीन को इस्तेमाल करने की मंजूरी दे दी है। बता दें कि यह ऑमिक्रॉन वेरिएंट के खिलाफ काम करने वाली वैक्सीन को इस्तेमाल की मंजूरी देने वाला पहले देश बना गया है। ब्रिटेन के मेडिसिन एंड हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स रेगुलेटरी एजेंसी (MHRA) ने मॉडर्ना द्वारा बनाए गए टीके को वयस्कों के लिए एक बूस्टर डोज के रूप में इस्तेमाल करने के लिए मंजूरी दे दी है। एजेंसी के किसी अधिकारी ने एक बयान में कहा कि मॉडर्ना वैक्सीन ने यूके नियामक के सुरक्षा, गुणवत्ता और प्रभावशीलता के सभी मानकों को पूरा किया है। उनका यह भी मानना है कि ओमिक्रॉन वेरिएंट के साथ-साथ यह वायरस के मूल रूप के प्रति प्रभावी रूप से काम करने के भी संकेत मिले हैं।
जब भी कोई नई वैक्सीन आती है, तो लोगों के मन में यह सवाल उठते हैं कि उससे क्या साइड्स इफेक्ट्स होंगे। खबरों के अनुसार मॉडर्ना कि इस वैक्सीन से पुरानी वैक्सीन के समान ही साइड इफेक्ट्स देखे जा सकते है। एबीपी न्यूज की रिपोर्ट्स के अनुसार एमएचआरए के सीईओ जून राइन ने बताया कि यूके में अब तक इस्तेमाल की जा रही कोविड-19 वैक्सीन इस बीमारी प्रभावी रूप सुरक्षा प्रदान करेगी और लोगों की जान बचाएगी। आगे उन्होंने यह भी बताया कि जो कोरोना के नए-नए वेरिएंट्स बन रहे हैं, उनमें भी यह वैक्सीन प्रभावी हो सकती है।
मॉडर्ना की इस अपडेटेड वैक्सीन के बारे में यह जानकारी होना जरूरी है कि यह सिर्फ 18 साल से अधिक उम्र वाले युवाओं को ही दी जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह वैक्सीन विशेष रूप से ऑमिक्रॉन पर प्रभावी रूप से काम करती है। ब्रिटेन में इस टीके की ट्रायल रिपोर्ट देखने के बाद ही इसका इस्तेमाल करने की मंजूरी दी गई है।
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (Serum Institute of India) के सीईओ अदार पूनावाला (dar Poonawalla) ने कहा है कि वे जल्द ही ऑमिक्रॉन के लिए विशेष रूप से काम करने वाली वैक्सीन लाने वाले हैं। पूनावाला ने एनडीटीवी से बात करते हुए बताया कि भारत में ऑमिक्रोन वेरिएंट के लिए एक खास वैक्सीन तैयार हो रही है और अगले छह महीने के भीतर यानि इस साल के अंत तक आ जाने की उम्मीद है।
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और नोवावैक्स एक साथ मिलकर ओमिक्रोन वेरिएंट के लिए वैक्सीन बनाने के लिए काम कर रहे हैं। पूनावाला ने बताया कि ऑमिक्रॉन के खिलाफ स्पेसिफिक वैक्सीन तैयार करना बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने आगे बताया कि भारत में इस वेरिएंट के लिए खास वैक्सीन तैयार हो रही है।