डायबिटीज का खतरा करना चाहते हैं कम? रिसर्च में बताए गए बचाव के बड़े तरीके

हाल ही में एक नई स्टडी हुई है, जिसमें बताया गया है कि टाइप 2 डायबिटीज के आधे से ज्यादा मामलों को सही लाइफस्टाइल अपनाकर कम किया जा सकता है। आइए इस स्टडी के बारे में विस्तार से जानते हैं-

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Written By: Kishori Mishra | Published : May 26, 2026 10:01 AM IST

आज के समय में टाइप 2 डायबिटीज के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। इसका मुख्य कारण खराब लाइफस्टाइल, अनहेल्दी खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी बताई जाती है। अब एक नई स्टडी में दावा किया गया है कि टाइप 2 डायबिटीज के आधे से ज्यादा मामलों को कम किया जा सकता है। अगर लोग अपनी खराब आदतों में समय रहते बदलाव करते हैं, तो काफी हद तक टाइप-2 डायबिटीज के खतरों को कम करने में मदद मिल सकती है।

क्या कहती है नई स्टडी?

अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ मैसाचुसेट्स एमहर्स्ट में हुई इस रिसर्च के मुताबिक, हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर काफी हद तक टाइप-2 डायबिटीज के खतरों को कम करने में मदद मिल सकती है। रिसर्चर्स का कहना है कि कई लोग जेनेटिक कारणों को डायबिटीज की सबसे बड़ी वजह मानते हैं, लेकिन असल में हमारी रोजमर्रा की आदतें भी उतनी ही अहम भूमिका निभाती हैं। स्टडी के मुताबिक, सही खानपान, नियमित एक्सरसाइज, वजन कंट्रोल में रखना और पर्याप्त नींद लेना डायबिटीज से बचाव में मदद कर सकता है।

क्यों बढ़ रहा है टाइप-2 डायबिटीज का खतरा?

डॉक्टर के मुताबिक, लंबे समय तक बैठे रहना, जंक फूड खाना, मीठे ड्रिंक्स का सेवन करना और स्ट्रेस जैसी चीजें शरीर में ब्लड शुगर लेवल को प्रभावित करती हैं। यही वजह है कि आज कम उम्र के लोग भी तेजी से डायबिटीज का शिकार हो रहे हैं।

एक्सपर्ट कहते हैं कि मोटापा और पेट के आसपास बढ़ने वाली चर्बी इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ा सकती है, जो आगे चलकर टाइप-2 डायबिटीज का कारण बनती है।

बचाव के लिए क्या करें?

डॉक्टर का कहना है कि कुछ आसान बदलाव अपनाकर डायबिटीज के खतरे को कम किया जा सकता है, जैसे-

  • हेल्दी डाइट लें, कोशिश करें कि अपने खाने में हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और प्रोटीन से भरपूर चीजें शामिल करें। ज्यादा चीनी और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाएं।
  • हर दिन कुछ मिनट एक्सरसाइज करें। कोशिश करें कि कम से कम 30 मिनट की फिजिकल एक्टिविटी शरीर को एक्टिव रखने में मदद करती है। वॉकिंग, योग और साइकलिंग जैसे विकल्प फायदेमंद हो सकते हैं।
  • अगर शरीर का वजन ज्यादा है तो उसे धीरे-धीरे कम करने की कोशिश करें। इससे ब्लड शुगर कंट्रोल में रहने में मदद मिलती है।
  • अगर परिवार में डायबिटीज की हिस्ट्री है या वजन ज्यादा है, तो समय-समय पर ब्लड शुगर टेस्ट कराना जरूरी है।

Disclaimer : ध्यान रखें कि टाइप-2 डायबिटीज कोई ऐसी बीमारी नहीं है जिसे रोका न जा सके। सही समय पर लाइफस्टाइल में बदलाव करके इसके खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। ऐसे में छोटी-छोटी हेल्दी आदतें भविष्य में बड़ी बीमारियों से बचाने में मदद कर सकती हैं।

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