
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Published : May 26, 2026 10:01 AM IST
Type 2 diabetes
आज के समय में टाइप 2 डायबिटीज के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। इसका मुख्य कारण खराब लाइफस्टाइल, अनहेल्दी खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी बताई जाती है। अब एक नई स्टडी में दावा किया गया है कि टाइप 2 डायबिटीज के आधे से ज्यादा मामलों को कम किया जा सकता है। अगर लोग अपनी खराब आदतों में समय रहते बदलाव करते हैं, तो काफी हद तक टाइप-2 डायबिटीज के खतरों को कम करने में मदद मिल सकती है।
अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ मैसाचुसेट्स एमहर्स्ट में हुई इस रिसर्च के मुताबिक, हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर काफी हद तक टाइप-2 डायबिटीज के खतरों को कम करने में मदद मिल सकती है। रिसर्चर्स का कहना है कि कई लोग जेनेटिक कारणों को डायबिटीज की सबसे बड़ी वजह मानते हैं, लेकिन असल में हमारी रोजमर्रा की आदतें भी उतनी ही अहम भूमिका निभाती हैं। स्टडी के मुताबिक, सही खानपान, नियमित एक्सरसाइज, वजन कंट्रोल में रखना और पर्याप्त नींद लेना डायबिटीज से बचाव में मदद कर सकता है।
डॉक्टर के मुताबिक, लंबे समय तक बैठे रहना, जंक फूड खाना, मीठे ड्रिंक्स का सेवन करना और स्ट्रेस जैसी चीजें शरीर में ब्लड शुगर लेवल को प्रभावित करती हैं। यही वजह है कि आज कम उम्र के लोग भी तेजी से डायबिटीज का शिकार हो रहे हैं।
एक्सपर्ट कहते हैं कि मोटापा और पेट के आसपास बढ़ने वाली चर्बी इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ा सकती है, जो आगे चलकर टाइप-2 डायबिटीज का कारण बनती है।
डॉक्टर का कहना है कि कुछ आसान बदलाव अपनाकर डायबिटीज के खतरे को कम किया जा सकता है, जैसे-
Disclaimer : ध्यान रखें कि टाइप-2 डायबिटीज कोई ऐसी बीमारी नहीं है जिसे रोका न जा सके। सही समय पर लाइफस्टाइल में बदलाव करके इसके खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। ऐसे में छोटी-छोटी हेल्दी आदतें भविष्य में बड़ी बीमारियों से बचाने में मदद कर सकती हैं।