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Kanpur hair transplant death case- काले, घने और लहराते बाल हर किसी की पर्सनालिटी को निखारने का काम करते हैं। लेकिन, इन दिनों जब हेयर फॉल और हेयर लॉस जैसी समस्याएं कॉमन हो गयी हैं तब सिर के बालों को बचाने या सिर पर नये बाल उगाने के लिए हेयर ट्रांसप्लांट (Hair Transplant) जैसे तरीकों का सहारा लिया जाता है। लेकिन, सिर पर अच्छे बालों की यह चाहत कानपुर में 2 पढ़े-लिखे लोगों के लिए जानलेवा साबित हुई है। जी हां, हेयर ट्रांसप्लांट कराने के बाद यहां 2 लोगों की मृत्यु हो गयी।
मामला उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur engineer hair transplant) शहर का है। यहां हेयर ट्रांसप्लांट के दौरान एक 36 वर्षीय व्यक्ति विनीत दुबे की मृत्यु हो गयी। यह व्यक्ति एक इंजीनियर था और एक स्थानीय डॉक्टर के क्लिनिक में विनित ने हेयर ट्रांसप्लांट कराने का फैसला किया था। मिली जानकारी के अनुसार, हेयर ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया के दौरान जब डॉक्टर ने विनित को इंजेक्शन लगाया तो विनित के चेहरे में सूजन दिखायी देने लगी। इसके बाद विनित की तबियत बहुत अधिक बिगड़ गयी और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। यहां इलाज के दौरान ही विनित की मृत्यु हो गयी।
तकरीबन 15 दिनों पहले ही एक ऐसे ही मामले में हेयर ट्रांसप्लांट कराने गए एक और इंजीनियर की मृत्यु हो गयी थी। पुलिस इन दोनों ही मामलों की जांच कर रही है।
हेयर ट्रांसप्लांट जैसी एडवांस सर्जरी विशेष ट्रेनिंग प्राप्त डॉक्टरों द्वारा ही की जाती है इसीलिए, कभी भी हेयर ट्रांसप्लान प्रोफेशनल्स और एक्सपर्ट्स की टीम की निगरानी में किया जाना चाहिए। लेकिन, लोग बिना पूरी जानकारी प्राप्त किए ही छोटे-मोटे क्लिनिक्स या गलत लोगों से सर्जरी कराने लगते हैं। जिसका नुकसान उन्हें भारी कीमत देकर चुकाना पड़ता है। क्योंकि, गलत तरीके से किए गए हेयर ट्रांसप्लांट से आपके शरीर और स्वास्थ्य को नुकसान हो सकता है।
कानपुर में हुए दोनों ही मामलों को देखते हुए इसी तरह की लापरवाही की अटकलें लगायी जा रही हैं। क्योंकि, हेयर ट्रांसप्लांट के दौरान ट्रीटमेंट लेने वाले व्यक्ति को कई स्ट्रॉन्ग इंजेक्शन्स और दवाइयां दी जाती हैं। वहीं, ट्रीटमेंट के दौरान एनेस्थीसिया का इंजेक्शन भी लगाया जाता है। यह एनेस्थीसिया भी कुछ मामलों में मौत का खतरा बढ़ा देता है।
हेयर ट्रासप्लांट के दौरान सिर में एनेस्थीसिया लगाया जाता है। यह एनेस्थेसिया देने के बाद मरीज को सर्जरी के दौरान दर्द महसूस नहीं होता। लेकिन को सिर में लगाने से ये सुन्न हो जाता है। हालांकि, कुछ समय बाद एनेस्थेसिया या ट्रांसप्लांट की वजह से ट्रीटमेंट लेने वाले व्यक्ति को कई समस्याएं हो सकती हैं।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।