
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Published : April 26, 2021 11:44 AM IST
यूपी के सभी जिलों के सरकारी और निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन की मांग और पूर्ति पर अब आईआईएम, आईआईटी की सीधी निगाह रहेगी।
ऑक्सीजन की कमी के कारण उत्तर प्रदेश (Oxygen Crisis in Uttar Pradesh in hindi) में एक बहुत ही दर्दनाक हादसा हुआ है। यूपी के बाराबंकी जिले में आॉक्सीजन की कमी के चलते दो नवजात की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि दोनों बच्चे जुड़वा थे और ऑक्सीजन की कमी के कारण उनकी मौत हुई है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि वो अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी का अलर्ट जारी कर चुके थे लेकिन अस्पताल को सही समय पर ऑक्सीजन नहीं मिल पाई। हालांकि अभी तक अस्पताल के अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी ने इस घटना पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
बाराबंकी में बच्चों का इलाज करने वाले दोनों अस्पतालों ने ऑक्सीजन की सप्लाई के लिए एसओएस अलर्ट जारी किया था, लेकिन उन्हें कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। जुड़वा बच्चों का जन्म रविवार की रात को हुआ था और उन्हें जिंदा रखने के लिए ऑक्सीजन की जरूरत थी। वे पैदा होने के कुछ घंटे बाद ही मर गए। अस्पताल के अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी ने इस घटना पर कोई टिप्पणी नहीं की है। वहीं, बच्चों के परिवारवालों ने कहा है कि वे अपने बच्चों को कई अस्पतालों में लेकर गए, लेकिन उन्हें एडमिट करने से मना कर दिया गया। प्रशासन पर ऑक्सीजन की आपूर्ति करने का दबाव बन रहा है। यूपी सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि वे कम से कम सरकार द्वारा संचालित संस्थानों को ऑक्सीजन देने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।
यूपी के सभी जिलों के सरकारी और निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन की मांग और पूर्ति पर अब आईआईएम, आईआईटी की सीधी निगाह रहेगी। राज्य में ऑक्सीजन का सही ढंग से उपयोग हो, इसकी बर्बादी न हो इसके लिए सरकार ने ऑक्सीजन ऑडिट कराने का निर्णय लिया है। इस काम की जिम्मेदारी आईआईटी कानपुर, आईआईएम लखनऊ और आईआईटी बीएचयू के दिग्गजों को सौंपी गई है, जो ऑक्सीजन की मॉनीटरिंग और ऑडिट का काम संभालेंगे। साथ में एकेटीयू, एचबीटीयू कानपुर और एमएमटीयू, गोरखपुर और एमएनआईटी, प्रयागराज के दिग्गज भी उनके साथ शामिल रहेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आईआईएम और आईआईटी के दिग्गजों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की और ऑक्सीजन आडिट को लेकर चर्चा की। सीएम योगी के निर्देश पर प्रदेश के अंदर कोरोना संक्रमण के दौरान उत्पन्न हुई ऑक्सीजन की समस्या से निपटने के लिए 'ऑक्सीजन मॉनिटरिंग सिस्टम फॉर यूपी' नामक डिजिटल प्लेटफार्म शुरुआत की गई है। इसके जरिए प्रदेश में ऑक्सीजन की मांग और पूर्ति पर निगाह रखी जाएगी। इसके जरिए ट्रकों की भी रीयल टाइम मॉनिटरिंग हो रही है। इस तकनीक का उपयोग कर राज्य में ऑक्सीजन की कालाबाजारी को रोकने में बड़ी मदद मिलेगी।