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Written By: Editorial Team | Published : November 20, 2017 12:41 PM IST
अक्सर सर्दियों में दमे की बीमारी बढ़ जाने का खतरा होता है लेकिन क्या आप जानते हैं वायु प्रदूषण के कारण सबसे ज्यादा अस्थमा या सांस लेने की परेशानी बढ़ती है।
घर के आसपास फैली हवा में प्रदूषण के कारण क्या आप भी सांस संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे हैं? तो अब समय आ गया है कि आप आपना घर ऐसी जगह लें, जहां आपके पड़ोस में ज्यादा से ज्यादा हरे-भरे पेड़ हों। एक नए शोध में पाया गया है कि वे लोग जो प्रदूषित शहरी इलाकों में रहते हैं, लेकिन उनके पड़ोस में बहुत सारे पेड़ हैं, उन लोगों में सांस संबंधी रोग दमा (अस्थमा) जैसी समस्याएं कम होंगी।
शोध में पाया गया कि बहुत प्रदूषित शहरी इलाकों में पेड़ों के विस्तार से सांस संबंधी स्वास्थ्य में सुधार किया जा सकता है। पत्रिका 'इंवायरमेंट इंटरनेशनल' में प्रकाशित शोध के निष्कर्ष में कहा गया है कि उच्च स्तर के वायु प्रदूषण वाले शहरी इलाकों में अगर प्रति वर्ग किलोमीटर में 300 या अधिक पेड़ लगाए जाएं तो एक लाख निवासियों में आपातकालीन दमा के 50 मामले कम देखे जा सकते हैं।
पौधरोपण कारों से होने वाले वायु प्रदूषण के प्रभाव को कम करने में भी प्रमुख भूमिका निभा सकता है। डीवॉन के एक्सीटर विश्वविद्यालय के शोधकर्ता इयान अल्कोक ने कहा, "हम यह स्पष्ट करना चाहते थे कि शहरी वनस्पति सांस संबंधी स्वास्थ्य ठीक रख सकता है। हम जानते हैं कि पेड़ हवा के प्रदूषण को दूर करते हैं, जबकि वायु प्रदूषण दमा के हमले ला सकता है।" शोधकर्ताओं की टीम ने पिछले 15 साल के दौरान दमा के 650,00 गंभीर हमलों का आकलन किया है।
सोजन्य: IANS Hindi
चित्र स्रोत: Shutterstock
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