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ओमिक्रोन के सब वेरिएंट के बारे में अभी कुछ कहना जल्दबाजी, सौम्या स्वामीनाथन ने कहा, कुछ समय बाद ही पता चल सकेगा कितना गम्भीर है ये वेरिएंट

सौम्या ने कहा कि, "भारत के अलावा 10 अन्य देशों से भी बीए.2.75 के मामले मिलने की पुष्टि की गयी है और WHO इसे ट्रैक कर रहा है।"

ओमिक्रोन के सब वेरिएंट के बारे में अभी कुछ कहना जल्दबाजी, सौम्या स्वामीनाथन ने कहा, कुछ समय बाद ही पता चल सकेगा कितना गम्भीर है ये वेरिएंट

Written by Sadhna Tiwari |Updated : July 7, 2022 9:58 PM IST

Soumya Swaminathan On Omicron Sub-Variant: भारत में ओमिक्रोन सब-वेरिएंट बीए.2.75  के मिलने की पुष्टि होने के बाद हडकंप मच गया है। लेकिन,विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization ) की चीफ साइंटिस्ट सौम्या स्वामीनाथन ने कहा है कि पिछले महीने भारत से पहली बार रिपोर्ट किए गए नए ओमिक्रोन सब-वेरिएंट बीए.2.75 को अधिक गंभीर कहना जल्दबाजी होगी। ट्विटर पर अपनी पोस्ट में सौम्या ने कहा कि, "भारत के अलावा 10 अन्य देशों से भी बीए.2.75 के मामले मिलने की पुष्टि की गयी है और WHO इसे ट्रैक कर रहा है।"

अपनी पोस्ट में सौम्या ने लिखा, "विश्लेषण के लिए अभी भी सीमित अनुक्रमण उपलब्ध है, लेकिन ओमिक्रोन के नये  सब-वेरिएंट में स्पाइक प्रोटीन के रिसेप्टर बाइंडिंग डोमेन पर कुछ उत्परिवर्तन होते हैं। यह वायरस का महत्वपूर्ण हिस्सा है जो खुद को मानव रिसेप्टर से जोड़ता है, इसलिए हमें इसे देखना होगा।"

भारत में मिले सब-वेरिएंट पर WHO की नजर बनी है

WHO की चीफ साइंटिस्ट सौम्या ने कहा "हालांकि, इस बारे में अभी और जानकारी इकट्ठा करने की डरूरत है कि सब-वेरिएंट मेडिकली कितना गम्भीर हो सकता है।" उन्होंने कहा कि सार्स-कोव-2 वायरस इवोल्यूशन (टैग-वीई) समिति पर डब्ल्यूएचओ का तकनीकी सलाहकार समूह दुनिया भर के डेटा को लगातार देख रहा है।

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सौम्या ने कहा, "हम नजर रख रहे हैं, यदि किसी भी समय एक वायरस का उद्भव होता है जो पिछले से बहुत अलग दिखता है, तब चिंता की बात जरूर है।"

इस बीच, डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक ट्रेडोस एडनॉम घेबियस ने बुधवार को कहा कि वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसी नए सब-वेरिएंट पर नजर रख रही है। उन्होंने कहा, "भारत जैसे देशों में बीए.2.75के एक नए सब-स्ट्रेन का भी पता चला है, और इसे ट्रैक भी कर रहे हैं।"

वहीं, इंपीरियल कॉलेज, लंदन के एक वैज्ञानिक थॉमस पीकॉक ने कहा कि सब-वेरिएंट पर 'नजदीक से नजर रखने' की जरूरत है।अमेरिका में फ्रेड हच अनुसंधान संस्थान में ब्लूम लैब द्वारा बीए.2.75 को भी हरी झंडी दिखाई गई। बता दें कि इसी हफ्ते किए गए एक अन्य ट्वीट में संस्थान की तरफ से कहा गया था कि सब-वेरिएंट ट्रैकिंग के लायक है, क्योंकि इसमें इसके मूल बीए.2 के सापेक्ष एंटीजेनिक परिवर्तन होता है।

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(आईएएनएस)