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Written By: Yogita Yadav | Updated : August 14, 2018 1:20 PM IST
कल्पना कीजिए कि आपकी सर्जरी होने वाली है। ऑपरेशन थियेटर में दाखिल करने के बाद आपको एनेस्थेसिया दिया जा चुका है। डॉक्टर और नर्स आपस में बात कर रहे हैं और तभी आप सुनते हैं कि आपके इलाज के लिए मकडि़यों को छोड़ा जा रहा है। चौंक गए न आप !
नए शोध में खुलासा
देखने में भले ही यह कॉमिक इफैक्ट लगे पर नए शोध में यह सच होने वाला है। मैसाचुसेट्स के बोस्टन में द वाइज इंस्टीट्यूट फॉर बायोलॉजिकल इंस्पेरड इंजीनियरिंग (जो हार्वर्ड यूनिवर्सिटी का हिस्सा है) में हुए एक नए शोध में इस अवधारणा को प्रस्तुत किया गया है। शोधार्थियों की एक छोटी सी टीम ने सॉफ्ट एनिमल इंस्पायर्ड रोबोट पर यह शोध प्रस्तुत किया है। सॉफ्ट एनिमल इंस्पायर्ड रोबोट वहां तक पहुंचेंगे जहां तक पहुंचना मनुष्यों के बलए आसान नहीं है।
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ऐसे करेगा काम
रोबोट एक सपाट स्तर पर काम शुरू करता है। फिर वह दिए गए निर्देशों के अनुरूप काम करना शुरू कर देता है। यूवी क्यूरेबल रेजिन को रोबोट में पंप किया जाता है। इस तरह यह धीरे-धीरे आकार ग्रहण करना शुरू कर देता है। आप कह सकते हैं कि आने वाले समय में रोगों का उपचार करने वाले इस रोबोट की शक्ल मकड़ी जैसी होगी। हालांकि इससे पहले मोर के आकार के एक और सूक्ष्म रोबोट पर काम शुरू हो चुका है।
चित्रस्रोत्र: Shutterstock.
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