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पालक इन दिनों खूब मिल रहा है। पालक आयरन से भरपूर होता है और इसके सेवन से सेहत को कई लाभ भी होते हैं। क्या आपने कभी पालक से तैयार स्मूदी पिया है, वह भी दूध के साथ मिलाकर? शायद नहीं पिया होगा। अब जरूर पीकर देखें, क्योंकि हाल ही में हुए एक शोध में कहा गया है कि पालक को दूध या दही में कच्चा मिलाकर पीने से काफी फायदे होते हैं।
एक नई शोध के अनुसार, पालक को काटकर स्मूदी बनाकर पीना सबसे स्वास्थ्यवर्धक तरीका है। हरी सब्जियों को पकाने से उनके एंटीऑक्सिडेंट्स टूट जाते हैं, जबकि दही और दूध में इसे कच्चा मिलाकर पीने से ताकतवर पोषक तत्व लुटीन शरीर को प्राप्त होता है।
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स्वीडन में लिंकोपिंग यूनिवर्सिटी में हुए एक अध्ययन के अनुसार, पालक उबालने या फ्राई करने से लुटीन पूरी तरह से नष्ट हो जाती है। पहले हुए कई शोधों में यह बात सामने आ चुकी है कि लुटीन से हार्ट अटैक का खतरा कम होता है और आंखों को नुकसान पहुंचने से भी यह रोकती है।
लिंकोपिंग यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने पालक पकाने के अलग-अलग तरीकों पर परीक्षण किया। जांच करने के बाद पता चला कि इसके पोषक तत्व में कितने पोषक तत्व मौजूद हैं। वैज्ञानिकों ने नियमित तौर पर लुटीन के स्तर की जांच की और पाया कि कच्ची पालक को दूध से बने उत्पादों के साथ मिलाकर सेवन करने का तरीका सबसे ज्यादा स्वास्थ्यवर्धक है।
पीएचडी रिसर्चर और स्टडी की लेखिका रोसन्ना चंग का कहना है कि पालक को किसी भी सूरत में पकाने से बचें। बेहतर है कि आप इससे तैयार स्मूदी पिएं। क्रीम, दूध और दही जैसे दुग्ध उत्पादों के साथ मिलाकर खाएं।
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उन्होंने बताया, ''जब पालक को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटा जाता है तो ज्यादा लुटीन निकलता है और दुग्ध उत्पादों में मिलने वाले फैट से लुटीन की स्मूदी में घुलनशीलता बढ़ जाती है। जितना ज्यादा लुटीन स्मूदी में घुलता है, शरीर में उतना ही ज्यादा अवशोषित होता है।''
दूसरी तरफ, जब आप पालक को देर तक पकाकर खाते हैं, तो इसमें मौजूद पोषक तत्व पूरी तरह से बर्बाद हो जाते हैं। यह रिसर्च जर्नल फूड केमिस्ट्री में प्रकाशित हुआ है।