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Written By: Yogita Yadav | Published : February 26, 2019 8:42 PM IST
ट्रेनों में आईआरसीटीसी द्वारा मुहैया करवाए जाने वाले पके हुए सभी प्रकार के खाद्य पदार्थो के पैकेट पर बार कोड होगा, जिसके साथ किचेन का नंबर और पैकिंग का समय दिया होगा। ©Shutterstock.
भारतीय रेल द्वारा परिचालित ट्रेनों में मिलने वाले भोजन के पैकेट पर अब बार कोड होगा, जिससे रेलवे के अधिकारी और यात्री यह पता लगा पाएंगे कि भोजन किस किचेन में तैयार किया गया। इससे भोजन की गुणवत्ता को लेकर रेलयात्रियों द्वारा की जाने वाली शिकायतों में कमी आएगी।
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ई दृष्टि डैशबोर्ड
रेलमंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को लोगों को ई-दृष्टि डैशबोर्ड समर्पित किया। इस मौके पर उन्होंने कहा, "ट्रेनों में आईआरसीटीसी द्वारा मुहैया करवाए जाने वाले पके हुए सभी प्रकार के खाद्य पदार्थो के पैकेट पर बार कोड होगा, जिसके साथ किचेन का नंबर और पैकिंग का समय दिया होगा।" गोयल ने कहा कि भोजन पर पैकिंग किए जाने वाले इंडियन कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) के किचेन का नंबर के साथ-साथ यह भी दिया होगा कि पैकिंग कब किया गया।
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इस तरह होगी निगरानी
रेलवे सूचना प्रणाली केंद्र द्वारा बनाए गए नए डैशबोर्ड से डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट रेलदृष्टि डॉट क्रिस डॉट ओआरजी डॉट इन पर पहुंच बनाया जा सकता है। इसमें पूरे देश के आइआरसीटीसी के मुख्य किचेन की तस्वीरें भी लाइव दिखेंगी।
रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "आईआरसीटीसी के साथ सालाना बैठक के दौरान रेलमंत्री ने यात्रियों को मुहैया करवाए जाने वाले भोजन के पैकेट पर बार कोड लगाने का आइडिया दिया था।"उन्होंने कहा कि आईआरसीटीसी बार कोड के विकल्प पर काम कर रही है और इसकी कीमत व उपयोगिता की समीक्षा की जा रही है। अधिकारी ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि बार कोड के साथ भोजन के पैकेट अप्रैल के अंत या मई तक मिलने लगेंगे।
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इतने हैं अभी तक किचेन
आईआरसीटीसी के 32 आधारभूत किचेन हैं जहां से ट्रेनों में यात्रियों को भोजन मुहैया करवाया जाता है। भोजन की गुणवत्ता और वेंडरों द्वारा भोजन के अधिक पैसे लेने की शिकायतों को लेकर रेलवे की आलोचना होती रही है। ऑथेंटिकेशन सर्विस प्रोवाइडर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट उमेश गुप्ता ने रेलवे के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा, "रेलवे अगर भोजन के पैकेट पर बारकोड के साथ होलोग्राम और पता लगाने की प्रणाली का जिक्र करे तो अच्छा होगा जिससे भोजन की पैकेजिंग के साथ छेड़छाड़ नहीं होगी।"
खराब खाने से हो सकती है फूड प्वायजनिंग
बासी या खराब गुणवत्ता का खाना किसी को भी बीमार कर सकता है, जिसे फूड प्वायजनिंग कहा जाता है। हालांकि यह कुछ ही दिनों में ठीक हो जाती है, लेकिन शिशुओं, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों में फूडप्वाइजनिंग के गंभीर जोखिम हो सकते हैं। इस मामले में लापरवाही करना भविष्य में पेट संबन्धी गम्भीर बीमारियों का संकट भी ला सकता है। इसलिए जरूरी है कि इस बीमारी के बारे में आपको पूरी जानकारी हो जिससे समय रहते या शुरुआती दौर में इस पर काबू पा सकें।
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