
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
Medically Verified By: Dr. Manisha Mendiratta
Tips to Protect yourself From Air Pollution : दिवाली में जले पटाखों के बाद देश की राजधानी दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद समेत पूरे एनसीआर की हवा और भी प्रदूषित हो गई है। दिवाली के बाद एक फिर दिल्ली धुएं और धूल की चादर में लिप्टी हुई नजर आ रही है। स्विट्जरलैंड की एयर क्वालिटी फर्म IQAir की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर बन गया है। दिल्ली की हवा में प्रदूषण इतना ज्यादा हो गया है कि लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है। डॉक्टरों के अनुसार, ‘बहुत खराब’ या ‘गंभीर’ श्रेणी की हवा में लंबे समय तक रहना फेफड़े, दिल और आंखों के लिए हानिकारक है। दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण के बीच हम आपको बताने जा रहे हैं, वायु प्रदूषण से बचाव के लिए क्या करना चाहिए और क्या नहीं।
फरीदाबाद के सेक्टर 8 स्थित सर्वोदय अस्पताल के पल्मोनोलॉजी विभाग के एसोसिएट निदेशक एवं प्रमुख डॉ. मनीषा मेंदीरत्ता (Dr. Manisha Mendiratta, Associate Director & Head - Pulmonology, Sarvodaya Hospital, Sector-8, Faridabad) के अनुसार,अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक प्रदूषित हवा में सांस लेता है, तो उसे कई प्रकार की बीमारियों का खतरा होता है। इनमें शामिल हैः
डॉ. मनीषा मेंदीरत्ता बताते हैं कि दिल्ली-एनसीआर की हवा में घुले प्रदूषण से बचाव काफी मुश्किल काम है। लेकिन छोटे-छोटे कदम उठाकर वायु प्रदूषण से काफी हद तक बचाव संभव है।
घर से ऑफिस, काम और किसी दोस्त के घर जाते समय पर्सनल कार या गाड़ी की बजाय पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें।
व्यक्तिगत वाहन जितने अधिक होंगे, उतना अधिक धुआं फैलेगा। इसलिए ऑफिस जाने के लिए कारपूल का विकल्प चुनें।
वायु प्रदूषण के प्रभाव को कम करने के लिए इलेक्ट्रिक गाड़ियों का विकल्प भी अपनाया जा सकता है।
कचरा जलाने से कार्बन मोनोऑक्साइड और डाइऑक्साइड जैसी गैसें निकलती हैं जो स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक हैं।
कचरा हमेशा नगरपालिका या रिसाइक्लिंग सिस्टम को दें।
घर में एलोवेरा, मनी प्लांट, स्नेक प्लांट, पीस लिली जैसे पौधे लगाएं। ये पौधे कार्बन डाई ऑक्साइड को खींचते और ऑक्सीजन का प्रवाह बढ़ाते हैं।
प्रदूषण के दिनों में बाहर निकलते समय N95 या N99 मास्क पहनें। यह PM2.5 कणों से सुरक्षा देता है। बिना मास्क लगाए घर के बाहर जानें से बचें।
1. कचरा और पत्ते न जलाएं
यह सबसे सामान्य लेकिन खतरनाक गलती है। इससे वातावरण में जहरीला धुआं फैलता है।
2. पुराने या डीजल वाहनों का उपयोग न करें
पुराने वाहनों से अत्यधिक प्रदूषण फैलता है। यदि संभव हो तो उन्हें स्क्रैप करवाकर इलेक्ट्रिक या CNG वाहन लें। ट्रैफिक सिग्नल पर इंजन बंद रखें। इससे ईंधन की बचत के साथ प्रदूषण भी कम करने में मदद मिलती है।
डॉक्टर कहते हैं कि अगर हम आज वायु प्रदूषण को नियंत्रित नहीं करेंगे तो आने वाली पीढ़ियां साफ हवा में सांस लेने से वंचित रह जाएंगी। सस्टेनेबल डेवलपमेंट (Sustainable Development) का मतलब है- ऐसा विकास जिसमें पर्यावरण की सुरक्षा भी शामिल हो। वायु प्रदूषण एक अदृश्य दुश्मन है जो हर सांस के साथ हमारे शरीर को नुकसान पहुंचाता है। लेकिन अगर हम सभी मिलकर छोटे-छोटे कदम उठाएं- जैसे पेड़ लगाना, धुआं कम करना, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना और स्वच्छ ऊर्जा अपनाना तो हम हवा को फिर से स्वच्छ बना सकते हैं।