
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : August 12, 2022 3:27 PM IST
Tips to manage type 1 diabetes in children: डायबिटीज दो प्रकार का होता है टाइप 1 डायबिटीज और टाइप 2 डायबिटीज। दुनियाभर में डायबिटीज के अधिकांश मरीजों को टाइप 2 डायबिटीज है जबकि, टाइप 1 डायबिटीज से पीड़ित लोगों की संख्या दुनियाभर में बहुत कम है। दरअसल, टाइप 1 डायबिटीज एक जन्मजात स्थिति है और यह आजीवन बनी रहने वाली स्थिति हो जो ठीक नहीं होता। वहीं, एक नयी स्टडी के अनुसार, टाइप 1 डायबिटीज से पीड़ित बच्चों और उनके परिवार वालों में मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्याओं का रिस्क अधिक होता है। स्वीडन के कैरोलिंस्का इंस्टिट्यूट (Karolinska Institute in Sweden) द्वारा की गयी स्टडी को जर्नल डायबिटीज केयर ( journal Diabetes Care) में प्रकाशिक किया गया। इस स्टडी में इस बात पर जोर दिया गया कि टाइप 1 डायबिटीज के मरीज बच्चों और उनके परिवार को डायबिटीज केयर के दौरान साइकोलॉजिकल कंसल्टिंग की जाए।
रिसर्च के दौरान पाया गया कि किशोर उम्र के टाइप 1 डायबिटीज मरीजों में डिप्रेशन (depression), एंग्जायटी (anxiety) और तनाव से जुड़े डिसॉर्डर्स का रिस्क काफी अधिक होते हैं। इंटरनेशनल सोसायटी ऑफ पीडियाट्रिक एंड एडॉलसेंट डायबिटीज (International Society for Pediatric and Adolescent Diabetes) के निर्देशों के अनुसार, बच्चों में मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम की देखभाल और स्क्रीनिंग की बात तो की जाती है लेकिन, उनके माता-पिता के लिए मेंटल हेल्थ कंसल्टेशन के कोई निर्देश नहीं है। हालांकि, इसकी एक वजह टाइप 1 डायबिटीज के मरीजों के परिवारवालों की मेंटल हेल्थ पर इसके प्रभावों के बारे में अधिक जानकारी नहीं है।
जानकारों के अनुसार, कई क्लिनिकल स्टडीज में कहा गया है कि, डायबिटीज से पीड़ित बच्चे के माता-पिता की मेंटल हेल्थ पर इसका असर पड़ता है। हालांकि, इसमें जेनेटिक कारण भी जिम्मेदार हो सकते हैं। वहीं, एक्सपर्ट्स के अनुसार इस दिशा में अभी और रिसर्च की जरूरत है।

डायबिटीज के मरीजों के लिए हेल्दी रहने का मतलब है अपने ब्लड शुगर लेवल (blood sugars) को हर हाल में नॉर्मल या उससे कम रेंज में रखना चाहिए। हालांकि,बच्चों के साथ कुछ और भी बातों का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। ऐसी ही कुछ टिप्स के बारे में पढ़ें यहां जो आपके बच्चे के काम आएंगी-