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Written By: Yogita Yadav | Published : January 29, 2019 4:01 PM IST
Image credits by: Cover your mouth while going out in public places. © Shutterstock
बुखार और खांसी, गला खराब, नाक बहना या बंद होना, सांस लेने में तकलीफ और बदन दर्द, सिर दर्द, थकान, ठिठुरन, दस्त, उल्टी, बलगम में खून आना इत्यादि स्वाइन फ्लू के सामान्य लक्षण हो सकते हैं। पर क्या आप जानते हैं कि स्वाइन फ्लू की एक नहीं तीन श्रेणियां हैं। बेहतर और कारगर उपचार के लिए सरकार और स्वास्थ्य संगठनों ने इसे तीन श्रेणियों में बांटा है। आपके लिए भी इन तीनों के बारे में जानना है जरूरी।
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कैटिगरी-A
बुखार, खांसी, सर्दी, शरीर में दर्द होना व थकान महसूस होना माइल्ड स्वाइन फ्लू के लक्षण हैं। इसमें इलाज लक्षणों पर आधारित होता है। ऐसे लक्षणों में टैमीफ्लू दवा लेने की या जांच की जरूरत नहीं होती। इस समय जो मौसम है, वह स्वाइन फ्लू के लिए अनुकूल है, इसलिए यह तेजी से फैल रहा है। चूंकि यह सांस से एक से दूसरे में फैलता है तो अगर किसी परिवार में एक को होता है तो पूरा परिवार इसका शिकार हो सकता है। पर इसमें बहुत ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है।
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कैटिगरी-B
इस श्रेणी के मरीजों में माइल्ड स्वाइन फ्लू के लक्षणों के अलावा तेज बुखार और गले में तेज दर्द होता है या मरीज में माइल्ड स्वाइन फ्लू के लक्षणों के साथ, हाई रिस्क कंडीशन कैटिगरी है तो रोगी को स्वाइन फ्लू की दवा टैमीफ्लू दी जाती है। हाई रिस्क कैटिगरी में छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं, 65 साल या उससे अधिक उम्र के व्यक्ति, फेफड़े की बीमारी, दिल की बीमारी, किडनी की बीमारी, डायबीटीज, कैंसर से पीड़ित लोग आते हैं।
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कैटिगरी-C
इस श्रेणी के लोगों में स्वाइन फ्लू के ऊपर लिखे लक्षणों के अतिरिक्त ये गंभीर लक्षण भी मिलते हैं जैसे सांस लेने में दिक्कत, छाती में तेज दर्द, गफलत में जाना, ब्लड प्रेशर कम होना, बलगम में खून आना, नाखून नीले पड़ जाना। इस श्रेणी से संबंधित सभी रोगियों को अस्पताल में भर्ती करना चाहिए और रोगी को अकेले में रखा जाता है। रोगी को स्वाइन फ्लू की दवा टैमिफ्लू दी जाती है और जांच भी जरूरी है।
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